इनरवियर से लेकर मोजे तक, आखिर कब बदल लेनी चाहिए अपनी ये चीजें? डॉक्टर से जानिए सही नियम

Inner Wear Kab Badalna Chahiye: रोजाना इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें ऐसी हैं जिनके हाइजीन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता और एक वक्त के बाद इसके साइड इफेक्ट बॉडी पर दिखने लगते हैं. इसलिए ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर मनन वोरा का कहना है कि अपनी पर्सनल चीजों को भी वक्त पर बदल लेना चाहिए.

Inner Wear Kab Badalna Chahiye
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इनरवियर कब बदलना चाहिए?

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इनरवियर हमारी सेंसिटिव स्किन से जुड़ा हुआ रहता है. इसलिए इसकी साफ-सफाई बहुत जरूरी है. इसलिए डॉक्टर इसका कपड़ा खराब होने से पहले बदलने की सलाह देते हैं. वरना आपको 6 महीने से ज्यादा पुरानी इनरवियर नहीं पहननी चाहिए.

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मोजे कब बदलना चाहिए?

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मोजों में पसीना और बैक्टीरिया जल्दी जमा हो जाते हैं, जिससे बदबू और इंफेक्शन हो सकता है. हालांकि, आपको हर रोज नए मोजे पहने चाहिए और नए मोजे फैब्रिक या इलास्टिक खराब होने से पहले बदलना बेहतर माना जाता है.

रेजर कब बदलना चाहिए?

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रेजर का इस्तेमाल शेविंग के लिए होता है और यह सीधे स्किन को टच करता है. इसलिए 5 से 7 बार इस्तेमाल करने के बाद इसे बदल लेना चाहिए. बाकी ब्लेड डल होने तक इसका इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है.

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टूथब्रश कब बदलना चाहिए? 

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रोजाना इस्तेमाल किया जाने वाला टूथब्रश हर 3 महीने में बदल लेना चाहिए. अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो दांतों के इंफेक्शन का खतरा दोगुना बढ़ सकता है. हालांकि, इस दौरान आपको अच्छी क्वालिटी का ब्रश इस्तेमाल करना चाहिए.

सनस्क्रीन कब बदलनी चाहिए? 

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गर्मियों में सनस्क्रीन सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि एक्सपर्ट्स इसे हर साल बदलने की सलाह देते हैं. अगर यह डेट में है तब भी 12 महीने के अंदर इसे बदल लेना चाहिए.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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