दोपहिया वाहन चलाने के बदले नियम, बंगाल में ग्रुप बाइकिंग पर लगा बैन
युवाओं को बड़ा झटका लग सकता है। बाइक चलाना लड़कों का सबसे पंसदीदा काम होता है। वहीं ग्रुप में बाइक राइडिंग की बात हो तो क्या ही कहना, लेकिन अब युवाओं को इससे वंचित रहना पड़ सकता है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कड़े नियम लागू किए हैं। बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग होनी है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने वोटिंग खत्म होने तक ग्रुप बाइकिंग पर 48 घंटे के लिए रोक लगा दी है।

शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे
2 / 5इससे पहले, चुनाव आयोग ने फैसला किया था कि शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सड़कों पर बाइक या स्कूटर की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा, हालांकि, केवल चिकित्सा आपात स्थिति या आवश्यक सेवाएं ही जारी रहेंगी।
आयोग ने क्यों लिया फैसला
3 / 5चुनाव आयोग ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि चुनावों के दौरान साइकिलों का अक्सर गलत उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के लिए, कुछ लोग समूहों में बाइकों पर सवार होकर मतदाताओं को डराने या उन्हें पैसे और शराब बांटकर प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। संकरी गलियों और दूरदराज के इलाकों में साइकिलें आसानी से उपलब्ध होती हैं, जिससे निगरानी करना मुश्किल हो जाता है।
बिना किसी भय के मतदान
4 / 5इसी कारण आयोग ने चुनावों को प्रभावित होने से रोकने और लोगों को बिना किसी भय के मतदान करने में सक्षम बनाने के लिए बाइकिंग पर प्रतिबंध और सख्त कर दिए हैं। बाइक रैलियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि ऐसी रैलियां माहौल को बिगाड़ सकती हैं।
चुनाव तिथि से पहले ये नियम लागू किए गए
5 / 5चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव तिथि से पहले ये नियम लागू किए गए थे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं है, बल्कि सुरक्षित, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
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