दशहरा पर बच्चों के साथ रावण दहन देखने जा रहे हैं? इन बातों का रखें ध्यान, छोटी गलती पड़ सकती है भारी
दशहरा में क्या आप भी अपने परिवार के साथ रावण दहन देखने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां आपके काफी काम आ सकती है और बड़ी मुश्किलों से बचा सकती है.

दशहरे पर रावण दहन देखने का उत्साह बच्चों में सबसे ज्यादा होता है. मेले की रोशनी, झूले, खाने-पीने की दुकानें और आतिशबाजी लोगों को खूब आकर्षित करती हैं. ऐसे में अगर आप भी अपने बच्चों व परिवार के साथ रावण दहन देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आइए आपको कुछ टिप्स बताएं, जो आपकी बड़ी परेशानी से बचा सकते हैं.
भीड़ से थोड़ा दूर खड़े हो
2 / 7रावण दहन के समय मैदान में बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं. ऐसे में बच्चों के साथ ऐसी जगह पर खड़े हों, जहां से कार्यक्रम आसानी से दिखाई दे और जरूरत पड़ने पर बाहर निकलने का रास्ता भी खुला रहे. ऐसा इसलिए क्योंकि भीड़ में आगे जाने के लिए धक्का-मुक्की हो सकती है और अगर किसी कारण से आपात की स्थिति बनती है, तो निकलना मुश्किल हो सकता है.
सुरक्षा घेरा पार करने की न करें गलती
3 / 7रावण दहन वाली जगह के आसपास आयोजकों और पुलिस की ओर से सुरक्षा घेरा बनाया जाता है, ताकि लोग सुरक्षित रहे. ऐसे में बच्चों को लेकर इस घेरे के अंदर जाने की कोशिश बिल्कुल न करें. सुरक्षित दूरी से ही कार्यक्रम देखें और बच्चों को लगातार अपने पास रखें.
आग और आतिशबाजी से रखें दूरी
4 / 7रावण के पुतले में आग लगाए जाने के दौरान चिंगारी या जलते हुए हिस्से आसपास गिर सकते हैं. इसलिए बच्चों को पुतले और आतिशबाजी से दूरी पर रखें. इतना ही नहीं, जमीन पर पड़े जले हुए पटाखों को छूने या उठाने से भी बच्चों को रोकें, क्योंकि वह इससे जख्मी हो सकते हैं.
मेले में बच्चे का हाथ न छोड़ें
5 / 7मेले में खिलौने, खाने की दुकानें और झूले देखकर बच्चों का ध्यान आसानी से भटक सकता है. भीड़ में उनका हाथ पकड़कर रखें और उन्हें अकेले कहीं जाने न दें. छोटे बच्चों के कपड़ों या फिर उनके हाथ और जैब में माता-पिता का मोबाइल नंबर रखना भी उपयोगी हो सकता है.
बिछड़ जाए तो बच्चे को क्या करना है, समझाएं
6 / 7मेले में जाने से पहले बच्चों को अपना नाम और माता-पिता का नाम बताना जरूर सिखाएं. उन्हें समझाएं कि अगर वे भीड़ में बिछड़ जाएं तो घबराकर कहीं न जाएं, बल्कि पुलिसकर्मी, सहायता केंद्र या आयोजन स्थल के हेल्प डेस्क से मदद मांगें और किसी अंजान के साथ मेले से बाहर न जाए, इसी के साथ अपना मोबाइल नंबर भी याद कराएं.
अनजान व्यक्ति के साथ जाने से रोकें
7 / 7बच्चों को पहले ही समझा दें कि अगर वे परिवार से अलग हो जाएं तो किसी अनजान व्यक्ति के साथ मेला छोड़कर न जाएं. उन्हें यह भी बताएं कि मदद के लिए पुलिसकर्मी या आयोजन स्थल के सहायता केंद्र जाना है. मेले में घुसते वक्त ही बच्चों को हर वह चीज दिखा दें, जहां मदद मिलेगी. (Image: AI) यह भी पढ़ें: दशहरा पर छुट्टी है तो परिवार के साथ करें ये 7 एक्टिविटीज, यादगार बन जाएगा विजयादशमी का दिन