बिना डांटे बच्चे को कराएं पढ़ाई, यहां जानिए बच्चों को पढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है
Parenting Tips: अगर आपका बच्चा भी पढ़ने में आनाकानी करता है और उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता तो उसे डांटिए नहीं, बल्कि इस तरह पढ़ाना कर दीजिए शुरू. जानिए बच्चे को पढ़ाने का सही तरीका क्या है.

Study Tips: बच्चों की स्कूल की छुट्टियां चल रही हैं और इस दौरान बच्चों को स्कूल से अच्छाखासा होमवर्क भी मिलता है. लेकिन, बच्चे अक्सर ही घर में पढ़ने में आनाकानी करते हैं और कितना ही समझा लिया जाए लेकिन मन लगाकर पढ़ने नहीं बैठते. ऐसे में मम्मी-पापा को बच्चे को डांट-डंपटकर पढ़ाना पड़ता है. लेकिन, डांट खाकर बच्चे किसी तरह अगर काम कर भी लें तो उस काम में ढेरों गलतियां तो मिलेंगी ही साथ ही बच्चे को कुछ समझ नहीं आएगा सो अलग. इसीलिए बच्चे को डांटकर पढ़ाना बिल्कुल सही नहीं माना जाता है. ऐसे में यहां जानिए बच्चे को पढ़ाने का सही तरीका क्या है.
पढ़ाई का रूटीन बनाएं
2 / 7बच्चे की पढ़ाई का एक अलग रूटीन सेट करें. खेल के समय पर पढ़ाई करने के लिए बच्चे को मजबूर ना करें इससे पढ़ाई के समय बच्चा खेल खेलने की जिद नहीं करेगा.
पढ़ाई के लिए अलग जगह
3 / 7बच्चे की पढ़ाई के लिए सही जगह ढूंढना जरूरी है. बच्चे को ऐसी जगह पढ़ने बिठाएं जहां उसका ध्यान बार-बार यहां-वहां ना भटके. उसका स्टडी टेबल साफ और ओर्गेनाइज्ड रखें. पानी की बोतल लेकर बिठाएं और आस-पास टीवी या फोन ना चलाएं.
बीच-बीच में देते रहें ब्रेक
4 / 7बच्चे को एकसाथ लंबे समय तक बैठकर पढ़ने के लिए ना कहें बल्कि उसे बीच-बीच में ब्रेक देते रहें. हर 15-20 मिनट में बच्चे को 5 से 10 मिनट का ब्रेक दें. इस बीच उसे स्नैक्स वगैरह भी देते रहें जिससे भूख लगने से उसका ध्यान भटकने ना लगे.
एक्टिव लर्निंग पर दें ध्यान
5 / 7सिर्फ किताबों से ही पढ़ाई नहीं होती है बल्कि आप बच्चे को एक्टिव लर्निंग के तरीके अपनाते हुए पढ़ा सकते हैं. फ्लैश कार्ड्स, इंफोर्मेटिव वीडियोज और गेम्स के जरिए भी बच्चे को पढ़ाया जा सकता है.
छोटे-छोटे गोल्स सेट करें
6 / 7बच्चे को एकसाथ बहुत सारा काम करने ना बिठाएं या यह ना कहें कि ढेर सारे चैप्टर्स एक बार में पढ़कर दिखाओ. इसके बजाय बच्चे को छोटे-छोटे गोल्स दें, जैसे एक बार में 5 सम्स सोल्व करने के लिए कहें, 1 चैप्टर पढ़ने को कहें या 2 पन्ने लिखने के लिए कहें.
आपको संयम बनाए रखना होगा
7 / 7बच्चे को डांटने पर वह पढ़ने में ध्यान नहीं लगा पाएगा बल्कि दुखी होकर बैठा रहेगा. बच्चे को पढ़ाते हुए आपको संयम बनाए रखना जरूरी है. बच्चे को प्यार से समझाएं और उसके सवालों का जवाब दें. इस तरह बच्चा बेहतर तरह से पढ़ पाएगा. यह भी पढ़ें - बच्चों को नमक कब से खिलाना चाहिए? पीडियाट्रिशियन ने बताया बेबी को सॉल्ट देने की सही उम्र क्या है