कैसे बनता है मिठाइयों में लगा चांदी का वर्क?

Silver Warq For Sweet: आपने यकीनन बाजारों में मिलने वाली मिठाइयों पर चांदी का वर्क तो देखा होगा. यह सिंपल सी दिखने वाली मिठाई को भी इतना सुंदर बना देता है कि इंसान खरीदने पर मजबूर हो जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मिठाइयों में लगाया जाने वाला चांदी का वर्क आखिर बनता कैसे है और इसे कैसे खाने लायक बनाया जाता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इसे बनाने के लिए क्या इस्तेमाल किया जाता है. 

Chandi Ka Vark Kaise Banta Hai
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कैसे बनता है मिठाइयों में लगा चांदी का वर्क? Image Credit- Shutterstock

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चांदी का वर्क दरअसल खाने योग्य शुद्ध चांदी की बेहद पतली परत होती है, जिसे खास तरीके से तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में भी शुद्ध चांदी को सीमित मात्रा में सेवन योग्य माना गया है।

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चांदी का वर्क शुद्ध चांदी की पतली परत से तैयार किया जाता है. आयुर्वेद में भी शुद्ध चांदी को सीमित मात्रा में खाने के लिए कहा गया है. इसलिए इसको बहुत पतला बनाया जाता है.

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इसे बनाने के लिए 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी का इस्तेमाल किया जाता है. अगर इसमें मिलावट की जाती है तो यह जल्दी टूट जाता है और मिठाई का स्वाद भी खराब कर देता है.

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शुद्ध चांदी को को तेज आंच पर पिघलाया जाता है और फिर उसे पतले तार या छोटी पट्टियों के रूप में ढाला जाता है. पतली चांदी का सेवन करने के हेल्थ को कोई नुकसान नहीं होता है.

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इस चांदी को खास तरह के चमड़े या कागज के बीच रखकर हथौड़े से कूटा जाता है. इस दौरान पेपर का बहुत ध्यान रखा जाता है. अगर ऐसा नहीं करते तो यह वर्क टूट जाता है.

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चांदी का पत्ता या चांदी का वर्क, सिल्वर के नॉन-बायोएक्टिव पीसेस को पीटकर बनाया जाता है. इसके बाद इसे बुकलेट के पन्नों के बीच रखा जाता है ताकि यह टूटे नहीं और फिर बहुत संभालकर रख दिया जाता है. 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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