नेल कटर में क्यों होता है छेद? वजह और फायदे जानकर नहीं होगा यकीन

नेल कटर में बना छोटा सा छेद आखिर क्यों होता है? ज्यादातर लोग इसे सिर्फ डिजाइन समझते हैं, लेकिन इसके पीछे कई काम के राज छिपे हैं. जानिए इस छोटे से होल के ऐसे उपयोग, जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी आसान बना सकते हैं.

Nailcutter
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कीचेन की तरह इस्तेमाल का फायदा

कीचेन की तरह इस्तेमाल का फायदा2 / 6

नेल कटर का सबसे काम का उपयोग यह है कि इसे आसानी से अपने साथ रखा जा सकता है. इसके छेद में की-रिंग लगाकर आप इसे चाबी के गुच्छे के साथ जोड़ सकते हैं. इससे यह कहीं खोता नहीं है और जरूरत पड़ने पर तुरंत मिल जाता है.

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ग्रिप मजबूत करने में मददगार

ग्रिप मजबूत करने में मददगार3 / 6

कई बार नाखून सख्त होने पर नेल कटर को पकड़ना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. ऐसे में इस छेद में धागा या चेन डालकर इसकी पकड़ को बेहतर बनाया जा सकता है. इससे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है और हाथ में ज्यादा मजबूती मिलती है.

टांगने के लिए आसान विकल्प

टांगने के लिए आसान विकल्प4 / 6

इस छोटे से छेद की मदद से नेल कटर को किसी हुक या स्टैंड पर टांगा भी जा सकता है. इससे यह हमेशा एक तय जगह पर रहता है और ढूंढने में समय बर्बाद नहीं होता. यही वजह है कि कई नेल कटर पहले से ही छोटी चेन के साथ आते हैं.

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मूवमेंट और कंट्रोल में सहायक

मूवमेंट और कंट्रोल में सहायक5 / 6

कुछ नेल कटर में यह छेद लीवर की तरह काम करता है, जिससे उसे खोलने और बंद करने में आसानी होती है. इससे नेल कटर का मूवमेंट स्मूद रहता है और इस्तेमाल के दौरान ज्यादा कंट्रोल मिलता है.

नाखून साफ और स्मूद करने में काम आता है

नाखून साफ और स्मूद करने में काम आता है6 / 6

अधिकतर नेल कटर में इस छेद के पास एक छोटा फाइलर या क्लीनर भी जुड़ा होता है. इससे आप नाखून काटने के बाद उन्हें साफ कर सकते हैं या किनारों को स्मूद बना सकते हैं, जिससे नाखून ज्यादा साफ और शेप में दिखते हैं.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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