जब रेलवे भी थी शाही! निजाम म्यूजियम में रखा 30 किलो चांदी का स्टेशन मॉडल, जानिए काचीगुड़ा स्टेशन की रॉयल कहानी

हैदराबाद के निजाम म्यूजियम में रखा चांदी का रेलवे मॉडल और काचीगुड़ा स्टेशन का इतिहास लोगों को हैरान कर देता है. जानिए कैसे निजाम के दौर में रेलवे भी शाही वैभव का प्रतीक था.

Inside Nizam Museum
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Credit: AI

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निजाम म्यूजियम – शाही दौर की झलक

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हैदराबाद के पुरानी हवेली में मौजूद निजाम म्यूजियम देश के सबसे खास ऐतिहासिक म्यूजियम में से एक है. यह म्यूजियम आखिरी निजाम मीर उस्मान अली खान को मिले कीमती उपहारों और यादगार चीजों को संजोकर रखता है. इसे साल 2000 में आम लोगों के लिए खोला गया था. यहां मौजूद हर वस्तु निजाम काल के रॉयल लाइफस्टाइल और वैभव की कहानी सुनाती है.

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30 किलो चांदी से बना अनोखा रेलवे मॉडल

30 किलो चांदी से बना अनोखा रेलवे मॉडल3 / 7

इस म्यूजियम की सबसे बड़ी खासियत है करीब 30 किलो चांदी से बना रेलवे मॉडल, जो देखने में बेहद आकर्षक और बारीक कारीगरी का उदाहरण है. इस मॉडल में स्टेशन, ट्रैक और आसपास की संरचना को इतनी खूबसूरती से बनाया गया है कि यह असली रेलवे स्टेशन का मिनिएचर रूप लगता है. यह मॉडल उस दौर की तकनीकी समझ और शाही कला का शानदार नमूना है.

काचीगुड़ा रेलवे स्टेशन का खास कनेक्शन

काचीगुड़ा रेलवे स्टेशन का खास कनेक्शन4 / 7

यह चांदी का मॉडल हैदराबाद के ऐतिहासिक काचीगुड़ा रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है. यह स्टेशन निजाम काल में बनाया गया था और उस समय आधुनिक सुविधाओं से लैस एक महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र था. इस स्टेशन के जरिए हैदराबाद का संपर्क देश के बड़े शहरों से स्थापित हुआ, जिससे व्यापार और यात्रा दोनों को बढ़ावा मिला.

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निजाम की अपनी रेलवे व्यवस्था

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निजाम के दौर में रेलवे सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सोर्स नहीं था, बल्कि ये उनकी पावर और डेवलेपमेंट का गवाह था. उस समय निजाम का अपना रेलवे सिस्टम था, जिसे बाद में भारतीय रेलवे में शामिल कर लिया गया. ये इस बात का सबूत है कि हैदराबाद उस दौर में भी तकनीकी और आर्थिक रूप से काफी आगे था.

सिल्वर जुबली के दौरान मिले अनमोल तोहफे

सिल्वर जुबली के दौरान मिले अनमोल तोहफे6 / 7

म्यूजियम में रखी ज्यादातर चीजें निजाम के सिल्वर जुबली प्रोग्राम (1936-37) के दौरान मिली थीं. इस मौके पर देश-विदेश के शासकों, अधिकारियों और जाने माने लोगों ने उन्हें कीमती कीमती गिफ्ट्स दिए थे. इन्हीं उपहारों में चांदी के मॉडल, कीमती कलाकृतियां और दुर्लभ चीजें शामिल हैं.

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म्यूजियम में मौजूद शाही खजाना

म्यूजियम में मौजूद शाही खजाना7 / 7

निजाम म्यूजियम में सिर्फ रेलवे मॉडल ही नहीं, बल्कि कई अनमोल चीजें भी रखी हैं. यहां सोने का सिंहासन, हीरों से जड़ा टिफिन बॉक्स, चांदी के इत्रदान, कीमती हथियार और दुर्लभ कलाकृतियां देखने को मिलती हैं. (All Photos Credit: Social Media

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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