भारत के साथ किन-किन देशों को मिली थी आजादी, आज क्या है उनकी स्थिति? PM मोदी ने संबोधन में किया जिक्र

भारत के साथ दक्षिण कोरिया और बहरीन जैसे पांच देशों को आजादी मिली थी. प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम संबोधन में सवाल उठाया कि भारत के साथ आजाद हुए देश हमसे आगे कैसे निकल गए? जानिए उन 5 देशों का हाल और प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की 'लटकाने-भटकाने' वाली राजनीति ने देश का भविष्य बिगाड़ा.

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Photo Credit: Gemini AI

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दक्षिण कोरिया

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भारत से दो साल पहले आजाद हुए दक्षिण कोरिया ने तकनीक और इकोनॉमी में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है. आज सैमसंग और हुंडई जैसे ब्रांड्स के दम पर यह ग्लोबल टेक लीडर है.

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उत्तर कोरिया

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1945 में स्वतंत्रता मिली, लेकिन यह आज एक अलग-थलग देश है, जो अपनी सैन्य शक्ति और नियंत्रित शासन प्रणाली के लिए जाना जाता है.

बहरीन

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1971 में ब्रिटेन से आजादी मिली. आज यह एक समृद्ध देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था बैंकिंग, पर्यटन और तेल पर टिकी है.

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लिकटेंस्टीन

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15 अगस्त को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाने वाला छोटा सा देश लिकटेंस्टीन आज दुनिया के सबसे अमीर देशों की सूची में शुमार है.

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य

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1960 में फ्रांस से आजादी के बाद से, देश ने राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष का सामना किया है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों में बहुत समृद्ध है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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