Windfall Tax: क्या होता है पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स? देश के आम आदमी पर इसका कैसे पड़ेगा असर
केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर 3 प्रतिशत विंडफॉल टैक्स लगाकर तेल कंपनियों को तगड़ा झटका दिया है। वहीं आम लोगों को राहत दी है, क्योकि इससे पेट्रोल के खुदरा दामों में इजाफा नहीं होगा। केंद्र सरकार ने एक रणनीति के तहत तेल कंपनियों से मुनाफे का हिस्सा वसूलने के लिए टैक्स लगाया है। आइए जानते हैं कि आखिर यह टैक्स क्या होता है, क्यों लगाया जाता है और कंपनियों को कौन-सा मुनाफा होता है, जिसमें सरकार को भी हिस्सा चाहिए?

विंडफॉल टैक्स एक प्रकार का अप्रत्याशित लाभ कर होता है, जो सरकार के द्वारा किसी कंपनी या इंडस्ट्री पर तब लगाया जाता है, जब किसी तरह के युद्ध या संकट में कंपनी को मुनाफा हो रहा होता है। इस मुनाफे का हिस्सा वसूलने के लिए सरकार विंडफॉल टैक्स लगाती है।
विंडफॉल टैक्स लगाने का मकसद
2 / 5केंद्र सरकार का विंडफॉल टैक्स लगाने का दूसरा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियां वैश्विक संकट का फायदा उठाकर मुनाफा न कमाएं। क्योंकि युद्ध के कारण कुछ चीजें महंगी हो जाती हैं, जिससे कंपनियों को फायदा होता है, इसी फायदे में सरकार को हिस्सा चाहिए। यह भी पढ़ें: Petrol- Diesel Crisis: पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके, 25% तक कम होगा खर्च
सरकार ने क्यों लगाया विंडफॉल टैक्स?
3 / 5दरअसल मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ गए। इससे देश की तेल कंपनियों को रातों-रात भारी मुनाफा हुआ। इसलिए युद्ध के समय कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने और वैश्विक परिस्थितियां बदलने से सरकार को विंडफॉल टैक्स लगाना पड़ा।
विंडफॉल टैक्स की कमाई का फायदा
4 / 5केंद्र सरकार विंडफॉल टैक्स से होने वाली इनकम का इस्तेमाल देश में जन-कल्याण के कार्यों में करती है। लोगों को आर्थिक राहत देने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने में करती है। कंपनियों के मुनाफे को जनता में फिर से बांटने के लिए विंडफॉल टैक्स बेहद प्रभावी टूल है। यह भी पढ़ें: Petrol Diesel Price: दुनिया के किस देश में है सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल? जानें पाकिस्तान और चीन में क्या है रेट
तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल रेट बढ़ाए
5 / 5बता दें कि बीते दिन 15 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ाकर देशवासियों को झटका दिया। दोनों का रेट 3 रुपये से ज्यादा बढ़ाया गया और अप्रैल 2022 के बाद पहली बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने की अपील की है।



















