IMD ने बढ़ाई टेंशन, जून में 90% बारिश का अनुमान, 10 राज्यों में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, पढ़ें डराने वाली चेतावनी

मानसून को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा भविष्यवाणी की है, जो देशवासियों को निराश करने वाली है। मौसम विभाग ने अपनी पहली वाली भविष्यवाणी को बदलते हुए जून से सितंबर तक सामान्य से कम बारिश होने और भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान लगाया है।

imd monsoon predictions
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IMD के अनुसार, अप्रैल महीने तक एल नीनो जिस हालत में था, उसके अनुसार मानसून सीजन में 92 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान थाा। लेकिन एल नीनो जिस हिसाब से मजबूत हो रहा है, उसके अनुसार जून से सितंबर तक मानसून सीजन में पूरे देश में 90 प्रतिशत बारिश हो सकती है।

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जून में भयंकर गर्मी की चेतावनी

जून में भयंकर गर्मी की चेतावनी2 / 7

वहीं जून के महीने में सबसे कम बारिश होने की आशंका है, यानी जून के महीने में भयंकर गर्मी पड़ने के आसार है। जिससे तापमान 50 डिग्री तक पहुंच सकता है, यानी जून महीने में इस साल देश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। यह भी पढ़ें: अल नीनो और ला नीना में क्या है अंतर? देश-दुनिया के मौसम पर कैसे डालते हैं असर

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इन राज्यों में कम बरसेंगे बादल

इन राज्यों में कम बरसेंगे बादल3 / 7

IMD के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, चंडीगढ़, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में लू और भीषण गर्मी के दिन सामान्य से ज्यादा रह सकते हैं। वहीं राजस्थान और झारखंड समेत कई राज्यों में लू कम रहने की संभावना है।

औसत से कम बारिश की आशंका

औसत से कम बारिश की आशंका4 / 7

IMD के अनुसार, जून से सितंबर महीने तक देशभर में औसत से कम बारिश होने की ज्यादा संभावना है। वहीं पूरे देश में बारिश भी एक जैसी नहीं होगी। कहीं सामान्य से कम बारिश होगी तो कहीं सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। पूर्वोत्तर को छोड़कर बाकी देश में बारिश कम होने की आशंका है। यह भी पढ़ें: Monsoon Workout Tips: जिम जाए बिना फिट दिखना है? बारिश में घर पर ट्राय करें ये 6 एक्सरसाइज

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किसानों के नुकसान की आशंका

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IMD के अनुसार, इस बार मानसून सीजन में कृषि क्षेत्रों में बारिश कम होने की आशंका है। जबकि जून का महीना किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस महीने में वे खरीफ की फसलों की बुवाई करते हैं। ऐसे में अगर जून में बारिश कम हुई तो फसल को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एल नीनो का मानसून पर असर

एल नीनो का मानसून पर असर6 / 7

IMD के अनुसार, भारत में मानसून की एल नीनो प्रभावित कर रहा है, जो वर्तमान में प्रशांत महासागर में एक्टिव हो रहा है और जल्दी ही विकसित हो जाएगा। एल नीनो देश में मानसून को कमजोर करता है और यह साल एल नीनो का है, इसलिए मानसून सामान्य से नीचे रहने वाला है। यह भी पढ़ें: Monsoon Health Tips: ठंडी हवाओं में सेहत कैसे बचाएं? जानिए मॉनसून के लिए एक्सपर्ट टिप्स

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किसानों के लिए IMD की सलाह

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IMD ने किसानों को सलाह दी है कि जल संरक्षित कर लें। सूखे से निपटने का प्रबंध कर लें और फसलों का बीमा करा लें। पानी से जुड़े देशभर के विभागों को भी सतर्क रहना होगा। सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिएं, ताकि सूखे से फसलें बर्बाद न हों और किसानों का नुकसान न हो।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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