डीके शिवकुमार के सामने 5 बड़ी चुनौतियां, आसान नहीं होगी कर्नाटक के नए CM की राह

Karnataka New CM DK Shivakumar Challenges: कर्नाटक में सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. लेकिन कनकपुरा के इस 'चट्टान' के लिए आगे की राह कांटों भरी है, जहां उन्हें 40 साल पुराना सत्ता विरोधी ट्रेंड बदलना होगा. जानिए उनके सामने खड़ी हैं पांच सबसे बड़ी चुनौतियां.

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सिद्धारमैया की विरासत को संभालना

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सिद्धारमैया का राज्य में एक बहुत बड़ा और मजबूत जनाधार है. उनके पीछे खड़े विधायकों और समर्थकों को नाराज किए बिना सरकार चलाना शिवकुमार के लिए सबसे नाजुक काम होगा. पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों और नेताओं के बीच तालमेल बिठाना, ताकि सरकार बिना किसी अंदरूनी कलह के मजबूती से आगे बढ़ सके.

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जातिगत समीकरणों को साधना

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कर्नाटक जैसे राज्य में जहां राजनीति जातियों के इर्द-गर्द घूमती है, वहां सभी प्रमुख जातियों (जैसे लिंगायत, दलित, और अल्पसंख्यक) को सरकार में सही प्रतिनिधित्व देकर संतुष्ट रखना. वोक्कालिगा समुदाय के हितों की रक्षा: डीके शिवकुमार खुद वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं. ऐसे में अपने खुद के समाज की उम्मीदों पर खरा उतरना और उनके हितों की रक्षा करना उनकी बड़ी जिम्मेदारी होगी.

जातिगत जनगणना की रिपोर्ट को लागू करना

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राज्य की बहुप्रतीक्षित और विवादित जातिगत जनगणना रिपोर्ट को लागू करना एक ऐसा संवेदनशील मुद्दा है, जिस पर जरा सी चूक भारी राजनीतिक नुकसान करा सकती है. गवर्नेंस और इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार: राजधानी बेंगलुरु की ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को दूर करने के साथ-साथ पूरे राज्य के विकास कार्यों की रफ्तार को बढ़ाना.

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2028 में 40 साल पुराना ट्रेंड बदलना

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इन सबमें सबसे कठिन चुनौती होगी साल 2028 के विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी लहर को मात देना. कर्नाटक का पिछले 40 साल का इतिहास रहा है कि यहां कोई भी पार्टी लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत हासिल करके सत्ता में नहीं लौट पाती. हर चुनाव में जनता सरकार बदल देती है. डीके शिवकुमार के लिए असली चुनौती इसी 40 साल पुराने ट्रेंड को बदलने की होगी. उन्हें न सिर्फ अपनी सरकार को मजबूती से चलाना होगा, बल्कि साल 2028 में कांग्रेस को दोबारा जीत दिलाकर फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करनी होगी. कनकपुरा के इस मजबूत नेता के लिए यह वाकई एक बड़ी और मुश्किल परीक्षा है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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