क्या वाकई दो टुकड़ों में टूट जाएगी भारत की जमीन? जानिए- वैज्ञानिकों ने क्या बताया 'हिमालय कनेक्शन'

क्या भारत का भौगोलिक नक्शा हमेशा के लिए बदल सकता है? स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के भूभौतिकी विशेषज्ञों की एक नई वैज्ञानिक रिपोर्ट ने एक ऐसी खौफनाक आशंका जताई है, जिसने पूरे एशिया महाद्वीप को चिंता में डाल दिया है. 2025 में वैज्ञानिकों का दावा किया था कि भारत जिस टेक्टोनिक प्लेट पर टिका है, वह अब भीतर से टूटने लगी है. हिमालय के ठीक नीचे चल रही इस विनाशकारी प्रक्रिया को विज्ञान की भाषा में 'डिलेमिनेशन' कहा जा रहा है. अगर यह प्रक्रिया तेज होती है, तो उत्तर भारत समेत एक बड़ा हिस्सा विनाशकारी भूकंपों, मौसम में बदलाव और जमीन के टूटने के खतरे से घिर सकता है.

Natural front
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टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर

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पिछले 60 मिलियन सालों से भारतीय टेक्टोनिक प्लेट उत्तर की ओर खिसक कर यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है. इसी भीषण टक्कर के कारण विशाल हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ. (AI Image)

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क्या है 'डिलेमिनेशन'?

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स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के साइमन क्लेम्परर और उनकी टीम ने पाया कि भारतीय प्लेट का भारी और घना हिस्सा अब बोझ सहन नहीं कर पा रहा है. यह हिस्सा धीरे-धीरे टूटकर धरती की गहराई में समा रहा है. (AI Image)

दो हिस्सों में टूटने का खतरा

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वैज्ञानिकों के अनुसार, प्लेट का एक हिस्सा चुपचाप धरती के अंदर खिसक रहा है, जिससे भारतीय प्लेट के दो टुकड़ों में बंटने की आशंका पैदा हो गई है. यह प्रक्रिया धीमी है लेकिन इसके प्रभाव बहुत बड़े हो सकते हैं. (AI Image)

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विनाशकारी भूकंप का अलर्ट

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प्लेट टूटने की यह प्रक्रिया हिमालय और उत्तर भारत के सिस्मिक जोन के नीचे भारी दबाव पैदा कर रही है. इससे आने वाले समय में भूकंप की तीव्रता और आवृत्ति खतरनाक रूप से बढ़ सकती है. (AI Image)

संवेदनशील शहर

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दिल्ली, देहरादून, गुवाहाटी और शिलॉन्ग जैसे बड़े शहर इस खतरे के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं. इन इलाकों में जमीन के नीचे चल रही हलचल पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है. (AI Image)

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नक्शा और मौसम में बदलाव

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प्लेट टूटने से न केवल पहाड़ों और नदियों की दिशा बदल सकती है, बल्कि जमीन की ऊंचाई और संरचना में बदलाव से मानसून और जलवायु चक्र भी बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं. (AI Image)

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लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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