सावधान! कान की सफाई के लिए आप भी तो नहीं करते 'कॉटन बड्स' यूज? क्या हो सकते हैं इसके खतरे

नहाने के बाद अक्सर लोग कान में जमी 'गंदगी' को साफ करने के लिए कॉटन बड्स का सहारा लेते हैं. हम इसे स्वच्छता का हिस्सा मानते हैं, लेकिन ईएनटी विशेषज्ञों की मानें तो यह आदत फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. इंडिया टुडे ने बेंगलुरु स्थित नारायणा हेल्थ सिटी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सौम्या एम.एस. के हवाले से लिखा है, कान एक 'सेल्फ-क्लीनिंग' अंग है जिसे बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होती. कॉटन बड्स न केवल कान की नाजुक त्वचा को घायल करते हैं, बल्कि सुनाई देने की क्षमता पर भी बुरा असर डाल सकते हैं.

Cotton Buds Risks front
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सेल्फ-क्लीनिंग ऑर्गन

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इंसान का कान एक ऐसा है जो अपनी सफाई खुद करता है. डॉक्टर बताते हैं कि रोजाना कॉटन बड्स का इस्तेमाल करना न केवल अनावश्यक है, बल्कि हानिकारक भी हो सकता है. (AI Image)

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नाजुक त्वचा और घाव

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कान के अंदर की त्वचा बहुत पतली और नाजुक होती है. कॉटन बड्स के रगड़ से इस पर छोटे-छोटे घाव हो सकते हैं, जिससे इन्फेक्शन जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है. (AI Image)

गंदगी को अंदर धकेलना

गंदगी को अंदर धकेलना4 / 7

सफाई के बजाय, कॉटन बड्स इयरवैक्स को कान के पर्दे के करीब धकेल देते हैं. वहां जमा हुआ वैक्स सख्त हो जाता है, जिससे कान में बजने की आवाजें और कम सुनाई देने जैसी समस्या हो सकती है. (AI Image)

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कान का पर्दा फटने का डर

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कान में बड डालते समय जरा सी फिसलन या गहरा धक्का कान के पर्दे को फाड़ सकता है या सुनने वाली छोटी हड्डियों को हमेशा के लिए खराब कर सकता है. (AI Image)

वैक्स कोई गंदगी नहीं है

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इयरवैक्स असल में कान का सुरक्षा कवच है. यह धूल, बैक्टीरिया और फंगस को अंदर जाने से रोकता है. इसे पूरी तरह हटाना कान को बीमारियों के लिए खुला छोड़ने जैसा है. (AI Image)

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सफाई का सही तरीका

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एक्सपर्ट्स के मुताबिक, केवल बाहरी कान को नरम तौलिये से पोंछना काफी है. अगर खुजली या भारीपन महसूस हो, तो खुद सफाई करने के बजाय डॉक्टर से 'माइक्रो-सक्शन' करवाना सुरक्षित होता है. (AI Image)

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लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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