CT Scan क्या है और क्यों कराया जाता है? जानिए इस स्कैन से किन बीमारियों का चलता है पता
CT Scan: सीटी स्कैन एक तरह का मेडिकल टेस्ट है, जिससे शरीर के अंदरूनी हिस्सों की हड्डियों की एक तस्वीर है. इसे कंप्यूटर के जरिए देखा जाता है और बीमारी का पता लगाकर इलाज शुरू किया जाता है.

जब शरीर बहुत खामोशी से बहुत कुछ कहता है तो सीटी स्कैन किया जाता है. इससे पहले डॉक्टर कई तरह के टेस्ट कराने की सलाह दे चुका होता है. जब उन टेस्ट में कुछ नहीं पता चलता और शरीर खामोशी से किसी बीमारी को पनाह दे रहा होता है. एक्स-रे की तुलना में CT Scan शरीर के अलग-अलग हिस्सों की ज्यादा डिटेल इमेज तैयार कर सकता है. डॉक्टर इन तस्वीरों की मदद से बीमारी या चोट की पहचान करने के साथ-साथ इलाज क्या करना है, यह पता करते हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आप कैसे सीटी स्कैन से किन बीमारियों का पता लगा सकते हैं.
CT Scan क्या होता है?
2 / 8सीटी स्कैन में एक्स-रे और कंप्यूटर तकनीक का इस्तेमाल करके शरीर के अंदर के हिस्सों की क्रॉस-सेक्शनल फोटो तैयार की जाती हैं. इसके लिए शरीर को मशीन में डाला जाता है और चारों तरफ घुमाकर तस्वीरें ली जाती हैं. इन तस्वीरों को कंप्यूटर प्रोसेस करके शरीर के अंदर के हिस्सों की इमेज निकाली जाती है.
सीटी स्कैन क्यों कराया जाता है?
3 / 8सीटी स्कैन की जरूरत कई अलग-अलग बीमारियों में पड़ सकती है. डॉक्टर इसे मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और दूसरे टेस्ट के आधार पर लिख सकते हैं. खासकर शरीर के अंदर चोट, सूजन, ब्लीडिंग, गांठ या किसी दूसरी बीमारी का पता लगाने के लिए करते हैं. इसे भी पढ़ें- गठिया के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं? अपोलो अस्पताल के डॉक्टर ने बताए शरीर में होने वाले बदलाव
सिर और दिमाग की समस्या होना
4 / 8अगर किसी मरीज को सिर या दिमाग की परेशानी है तो सीटी स्कैन किया जाता है. अचानक तेज सिरदर्द, स्ट्रोक के लक्षण या कुछ दूसरे न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में भी डॉक्टर सीटी स्कैन के जरिए पता लगा सकते हैं.
शरीर के अंदर चोट या ब्लीडिंग होना
5 / 8अगर किसी इंसान को गंभीर चोट आई है या शरीर के अंदर मौजूद हिस्सों को नुकसान हुआ है तो डॉक्टर सीटी स्कैन करने की सलाह देते हैं. इससे पता लगाया जाता है कि शरीर के किस हिस्से में अंदरूनी ब्लीडिंग हुई है या चोट लगी है.
ट्यूमर या कैंसर का पता लगाना
6 / 8सीटी स्कैन शरीर में किसी हिस्से पर गांठ होने या ट्यूमर की पहचान करने के लिए भी यह करते हैं. कैंसर के मरीजों में इसका इस्तेमाल बीमारी और शरीर के दूसरे हिस्सों तक उसके फैलाव को देखने के लिए भी करते हैं. इससे इलाज करना आसान हो जाता है.
फेफड़ों या पेट की जुड़ी समस्या होना
7 / 8डॉक्टर फेफड़ों या पेट से जुड़ी समस्या होने पर भी सीटी स्कैन करते हैं. इससे चेस्ट सीटी स्कैन की मदद से फेफड़ों की बीमारी और इससे जुड़ी समस्या देखी जाती है. डॉक्टर जरूरत के हिसाब से पेट या आंतों से जुड़ी समस्या भी देखते हैं.
किडनी स्टोन का पता लगाना
8 / 8कई मामलों में किडनी स्टोन का पता लगाने के लिए भी इसका पता लगाया जाता है. खासकर जब डॉक्टर को तेज दर्द होने का सही कारण पता न लगा पाएं, तब यह टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है. इसे भी पढ़ें- क्यों होती है किडनी फेल? डॉक्टर ने बताए मुख्य कारण, जानिए कब पड़ती है ट्रांसप्लांट की जरूरत Source- Apollo



















