CT Scan क्या है और क्यों कराया जाता है? जानिए इस स्कैन से किन बीमारियों का चलता है पता

CT Scan: सीटी स्कैन एक तरह का मेडिकल टेस्ट है, जिससे शरीर के अंदरूनी हिस्सों की हड्डियों की एक तस्वीर है. इसे कंप्यूटर के जरिए देखा जाता है और बीमारी का पता लगाकर इलाज शुरू किया जाता है. 

Ct scan kyon kiya jata hai
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CT Scan क्या होता है? Image Credit- Freepik

जब शरीर बहुत खामोशी से बहुत कुछ कहता है तो सीटी स्कैन किया जाता है. इससे पहले डॉक्टर कई तरह के टेस्ट कराने की सलाह दे चुका होता है. जब उन टेस्ट में कुछ नहीं पता चलता और शरीर खामोशी से किसी बीमारी को पनाह दे रहा होता है. एक्स-रे की तुलना में CT Scan शरीर के अलग-अलग हिस्सों की ज्यादा डिटेल इमेज तैयार कर सकता है. डॉक्टर इन तस्वीरों की मदद से बीमारी या चोट की पहचान करने के साथ-साथ इलाज क्या करना है, यह पता करते हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आप कैसे सीटी स्कैन से किन बीमारियों का पता लगा सकते हैं.

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CT Scan क्या होता है?

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सीटी स्कैन में एक्स-रे और कंप्यूटर तकनीक का इस्तेमाल करके शरीर के अंदर के हिस्सों की क्रॉस-सेक्शनल फोटो तैयार की जाती हैं. इसके लिए शरीर को मशीन में डाला जाता है और चारों तरफ घुमाकर तस्वीरें ली जाती हैं. इन तस्वीरों को कंप्यूटर प्रोसेस करके शरीर के अंदर के हिस्सों की इमेज निकाली जाती है.

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सीटी स्कैन क्यों कराया जाता है? 

सीटी स्कैन क्यों कराया जाता है? 3 / 8

सीटी स्कैन की जरूरत कई अलग-अलग बीमारियों में पड़ सकती है. डॉक्टर इसे मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और दूसरे टेस्ट के आधार पर लिख सकते हैं. खासकर शरीर के अंदर चोट, सूजन, ब्लीडिंग, गांठ या किसी दूसरी बीमारी का पता लगाने के लिए करते हैं. इसे भी पढ़ें- गठिया के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं? अपोलो अस्पताल के डॉक्टर ने बताए शरीर में होने वाले बदलाव

सिर और दिमाग की समस्या होना

सिर और दिमाग की समस्या होना4 / 8

अगर किसी मरीज को सिर या दिमाग की परेशानी है तो सीटी स्कैन किया जाता है. अचानक तेज सिरदर्द, स्ट्रोक के लक्षण या कुछ दूसरे न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में भी डॉक्टर सीटी स्कैन के जरिए पता लगा सकते हैं.

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शरीर के अंदर चोट या ब्लीडिंग होना 

शरीर के अंदर चोट या ब्लीडिंग होना 5 / 8

अगर किसी इंसान को गंभीर चोट आई है या शरीर के अंदर मौजूद हिस्सों को नुकसान हुआ है तो डॉक्टर सीटी स्कैन करने की सलाह देते हैं. इससे पता लगाया जाता है कि शरीर के किस हिस्से में अंदरूनी ब्लीडिंग हुई है या चोट लगी है.

ट्यूमर या कैंसर का पता लगाना 

ट्यूमर या कैंसर का पता लगाना 6 / 8

सीटी स्कैन शरीर में किसी हिस्से पर गांठ होने या ट्यूमर की पहचान करने के लिए भी यह करते हैं. कैंसर के मरीजों में इसका इस्तेमाल बीमारी और शरीर के दूसरे हिस्सों तक उसके फैलाव को देखने के लिए भी करते हैं. इससे इलाज करना आसान हो जाता है.

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फेफड़ों या पेट की जुड़ी समस्या होना 

फेफड़ों या पेट की जुड़ी समस्या होना 7 / 8

डॉक्टर फेफड़ों या पेट से जुड़ी समस्या होने पर भी सीटी स्कैन करते हैं. इससे चेस्ट सीटी स्कैन की मदद से फेफड़ों की बीमारी और इससे जुड़ी समस्या देखी जाती है. डॉक्टर जरूरत के हिसाब से पेट या आंतों से जुड़ी समस्या भी देखते हैं.

किडनी स्टोन का पता लगाना 

किडनी स्टोन का पता लगाना 8 / 8

कई मामलों में किडनी स्टोन का पता लगाने के लिए भी इसका पता लगाया जाता है. खासकर जब डॉक्टर को तेज दर्द होने का सही कारण पता न लगा पाएं,  तब यह टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है. इसे भी पढ़ें- क्यों होती है किडनी फेल? डॉक्टर ने बताए मुख्य कारण, जानिए कब पड़ती है ट्रांसप्लांट की जरूरत Source- Apollo 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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