क्या सुबह खाली पेट लीची खानी चाहिए? Lancet के अध्ययन में मिले अहम संकेत

Lychee Benefits and Side Effects: खाली पेट कई लोग फ्रूट्स खाते हैं, लेकिन क्या लीची खानी चाहिए. इसको लेकर The Lancet ने अध्ययन किया, जिसमें कुछ लोगों को खाली पेट कच्ची या अधपकी लीची खाने के बाद गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति पैदा हुई थी.

Toxic compound in litchi
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क्या सुबह खाली पेट लीची खानी चाहिए?

Lychee Side Effects: गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में मीठी और रसीली लीची की बहार आ जाती है. स्वाद और पोषण से भरपूर यह फल बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद होता है, लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या सुबह खाली पेट लीची खाना सही है? खासकर तब, जब कुछ साल पहले लीची को लेकर कई चिंताजनक खबरें सामने आई थीं. The Lancet Global Health में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस विषय पर अहम जानकारी दी है. आइए जानते हैं कि खाली पेट लीची खाने को लेकर रिसर्च क्या कहती है और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.  

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Lancet के अध्ययन में क्या सामने आया?

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हाल ही में The Lancet Global Health में प्रकाशित एक अध्ययन में बिहार के मुजफ्फरपुर में बच्चों में होने वाली एक रहस्यमयी बीमारी का विश्लेषण किया गया था. शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ बच्चों में खाली पेट कच्ची या अधपकी लीची खाने के बाद गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति पैदा हुई थी. इसे भी पढ़ें- रात को सोचना किस बीमारी का लक्षण है? एक्सपर्ट से बताया किस मुद्रा से आएगी नींद

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क्या लीची खाना नुकसानदायक है?

क्या लीची खाना नुकसानदायक है?3 / 7

इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि लीची एक हानिकारक फल है. इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जिसके अंदर विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, पोटेशियम या पानी की अच्छी मात्रा आदि होती है.

क्या सुबह खाली पेट लीची खानी चाहिए?

क्या सुबह खाली पेट लीची खानी चाहिए?4 / 7

कई रिसर्च के मुताबिक, खाली पेट बहुत अधिक मात्रा में लीची खाने से बचना बेहतर है. 1 से 10 साल के उम्र के बच्चे और कुपोषित बच्चे लीची में मौजूद टॉक्सिन कम्पाउंड के शिकार हो सकते हैं. लंबे समय तक भूखे रहने वाले लोगों के लिए भी यह अच्छी नहीं है.

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लीची खाने के सही तरीके

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खाली पेट बड़ी मात्रा में लीची न खाएं. फिर हमेशा अच्छी तरह पकी हुई लीची ही खाएं. साथ ही, अगर बच्चों को एक बार में बहुत ज्यादा लीची न दें. अगर कमजोरी, चक्कर, पसीना या भ्रम जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से बात करें

शरीर को हाइड्रेट रखने का काम

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इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे गर्मियों में शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है. साथ ही, फाइबर की मौजूदगी पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती है.

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कब खानी चाहिए लीची?

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खाली पेट लीची ना देकर बच्चों को खाने के बाद लीची खाने की आदत डालें. साथ ही, लिमिट में खाएं और बच्चों को 7 और बड़ों को 12 से ज्यादा लीची बिल्कुल ना दें. कच्ची लीची का सेवन करने से बचें. इसे भी पढ़ें- हाथ की गांठ से निकला कीड़ा! जांच हुई तो हैरान रह गए डॉक्टर, जानिए क्या है पूरा मामला अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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