क्या खाने पर बढ़ सकता है कैंसर का रिस्क? राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान के अनुसार इन चीजों से परहेज है जरूरी

Cancer Causing Foods: खानपान का हमारी सेहत पर अत्यधिक असर पड़ता है. ऐसे में क्या खाया जा रहा है और क्या नहीं इसका ध्यान रखना जरूरी है. यहां जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान के अनुसार किन फूड्स से कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है.

Foods that can cause cancer
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Foods That Can Cause Cancer: हमारा खानपान अलग-अलग पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो शरीर को दुरुस्त रखता है. लेकिन, खानपान की ऐसी कुछ चीजें या कहें डाइटरी फैक्टर्स हैं जो कैंसर के खतरे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. ICMR के राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान के अनुसार खानपान की ऐसी कुछ चीजें हैं जो कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं और इसीलिए यह जानना जरूरी है कि ये फूड्स कौन से हैं. 10 में से 1 कैंसर यानी 10% कैंसर खानपान से जुड़े हो सकते हैं. वहीं, जिन लोगों की थाली में फल और सब्जियां नहीं होते हैं उन्हें कैंसर का खतरा हो सकता है. ऐसे में यहां उन फूड्स का जिक्र किया जा रहा है जो राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान की रिसर्च के अनुसार कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकती हैं और इसीलिए इन फूड्स से परहेज करना जरूरी है.

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कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले फूड्स कौन से हैं

कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले फूड्स कौन से हैं 2 / 7

सैचुरेटेड फैट्स, लाल मीट, नमक और बिना फाइबर वाली डाइट कैंसर का खतरा बढ़ने से जुड़ी हो सकती है. जिन लोगों की डाइट में लाल और प्रोसेस्ड मीट ज्यादा होता है उनमें पेट और बाउल कैंसर का खतरा ज्यादा होता है.

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हाई टेम्परेचर पर बना खाना

हाई टेम्परेचर पर बना खाना 3 / 7

खाना किस तरह पकाया जाता है यह भी कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है. बहुत हाई टेम्परेचर पर पकाया गया खाना जिन केमिकल्स को रिलीज करता है उनसे शरीर की सेल्स डैमेज हो सकती हैं और कैंसरस बन सकती हैं,

डेयरी प्रोटीन से लिंक

 डेयरी प्रोटीन से लिंक 4 / 7

कुछ स्टडीज बताती हैं कि दूध में मौजूद कैल्शियम आंतों कैंसर के रिस्क को कम करता है जबकि दूसरी स्टडीज में डेयरी प्रोटीन के ज्यादा सेवन को प्रोस्टेट कैंसर से जोड़ा गया है.

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अल्कोहल और अचार वाला खाना

अल्कोहल और अचार वाला खाना 5 / 7

अल्कोहल और अचार वाले खाने का सेवन पेट के कैंसर के लिए अलग-अलग जोखिम कारक यानी रिस्क फैक्टर्स पाए गए हैं. अल्कोहल कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है, जिनमें लिवर, मुंह, आंत, गले, भोजन नली और ब्रेस्ट का कैंसर शामिल हैं.

मसालेदार भोजन

मसालेदार भोजन 6 / 7

कैंसर के जोखिम से जुड़े अन्य भारतीय खाद्य पदार्थों में चावल का अधिक सेवन, मसालेदार भोजन, बहुत ज्यादा मिर्च खाना, सोडा का इस्तेमाल और सूखी नमकीन मछली का सेवन शामिल हैं.

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एडिटिव्स और रंगों से खतरा नहीं देखा गया

एडिटिव्स और रंगों से खतरा नहीं देखा गया 7 / 7

राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान के अनुसार ज्यादातर एडिटिव्स, रंगों, फ्लेवर्स और स्वीटनर्स से कैंसर का खतरा बढ़ने की बात सामने नहीं आई है. यह भी पढ़ें -खाना निगलने में दिक्कत, कुछ अटका हुआ महसूस होना, डॉक्टर ने बताया गले में कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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