व्रत में यूज होने वाला सेंधा नमक कितना हेल्दी? WHO ने बताया सेवन करने का सही तरीका
व्रत में देखा जाता है कि लोग सेंधा नमक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसे सामान्य नमक से ज्यादा हेल्दी मानकर जरूरत से ज्यादा नहीं खाना चाहिए. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस्तेमाल करते वक्त इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए.

नवरात्रि हो या कोई दूसरा व्रत, इस दौरान कई लोग खाने में नॉर्मल नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं. माना जाता है कि सेंधा नमक ज्यादा शुद्ध और सेहत के लिए बेहतर होता है. यही वजह है कि फलाहारी डिशेज, साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू की पूरी और आलू की सब्जी में इसका खूब इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन क्या सेंधा नमक वाकई नॉर्मल नमक से ज्यादा हेल्दी है? क्या इसे खाने से शरीर को ज्यादा मिनरल्स मिलते हैं? आइए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट से सेंधा नमक से फायदे और सेवन करने से जुड़ी चीजों के बारे में जानते हैं.
क्या सेंधा नमक सेहत के लिए फायदेमंद है?
2 / 8सेंधा नमक सोडियम क्लोराइड से बना होता है और बॉडी को सोडियम की जरूरत नसों के काम करने या मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए पड़ती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा सेंधा नमक खाना सेहत के लिए अच्छा ही है. इसे भी पढ़ें- शरीर के किसी हिस्से में उभर आई है बिना दर्द वाली गांठ? हो सकता कैंसर का पहला साइलेंट सिग्नल इसे भी पढ़ें-
शरीर को सोडियम मिलना
3 / 8सेंधा नमक में सोडियम क्लोराइड होता है. सोडियम नसों और मांसपेशियों के नॉर्मल प्रोसेस और कामकाज को हेल्दी बनाए रखने का काम करता है, लेकिन सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है.
खाने का स्वाद बढ़ाना
4 / 8व्रत में साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू की पूरी और आलू जैसे पकवानों में सेंधा नमक का इस्तेमाल स्वाद के लिए किया जाता है. इससे न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ता है, बल्कि कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आयरन जैसे मिनरल्स भी मिलते हैं.
रोज कितना नमक खाना चाहिए?
5 / 8WHO के मुताबिक, इंसान को रोजाना 2000 मिलीग्राम से कम सोडियम लेना चाहिए, जो 5 ग्राम से कम नमक की मात्रा के बराबर है. इसमें दिनभर खाए जाने वाली नमक की तमाम मात्रा भी शामिल है.
क्या सेंधा नमक के नुकसान भी हैं?
6 / 8सेंधा नमक का ज्यादा सेवन करना नॉर्मल नमक की तरह शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा सकता है. अगर मात्रा पर ध्यान न दिया जाए तो हाई ब्लड प्रेशर, किडनी पर असर, आयोडीन की कमी और दिल पर असर हो सकता है. इसे भी पढ़ें- सिर्फ Smoking छोड़ना ही काफी नहीं! Lung Cancer का खतरा कम करने के लिए इन चीजों पर भी दें ध्यान
सेंधा नमक और नॉर्मल नमक में क्या है अंतर?
7 / 8सेंधा नमक को चट्टानों से निकालकर बनाया जाता है, जबकि सफेद नमक को रिफाइंड किया जाता है. सेंधा नमक में थोड़ी मात्रा में दूसरे मिनरल्स हो सकते हैं, जबकि सफेद नमक में अक्सर आयोडीन मिलाया जाता है लेकिन आयोडीन सेंधा नमक में नहीं मिलाया जाता.
सेंधा या सफेद नमक, सेहत के लिए कौन-सा है ज्यादा फायदेमंद?
8 / 8सेंधा नमक और सफेद नमक, दोनों ही किचन में इस्तेमाल किए जाते हैं. सेंधा और सफेद नमक में मिनरल्स अलग-अलग मात्रा में पाए जाते हैं, जिसके अपने अलग फायदे और नुकसान हैं. NIH की रिपोर्ट के अनुसार, असली सफेद नमक में आयोडीन होता है और यह शरीर में थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है. वहीं WHO के मुताबिक, सेंधा नमक में कुछ दूसरे मिनरल्स ज्यादा होते हैं. इसलिए दोनों नमक हेल्द के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं, लेकिन अधिक सोडियम या आयोडीन लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए सेंधा नमक या सफेद नमक लेते वक्त मात्रा का ध्यान रखें. अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.