नींद में चलना किस बीमारी का संकेत है? जानिए 5 अहम कारण

Neend Mein Chalna: नींद में चलना एक आम समस्या है, जिसे ज्यादातर लोगों में देखा जा सकता है. लेकिन इसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि कई बार यह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा संकेत हो सकता है.

Sleepwalk Causes
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Sleepwalk Causes

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स्लीपवॉक क्या होता है?

स्लीपवॉक क्या होता है?  2 / 7

नींद में चलने को सोमनांबूलिज्म कहा जाता है. यह पैरासोमनिया की श्रेणी में आता है, जब इंसान नींद में चलता है और असामान्य व्यवहार करता है. इस दौरान इंसान गहरी नींद में होता है.

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स्टैनफोर्ड की स्टडी  

स्टैनफोर्ड की स्टडी   3 / 7

2012 में इस समस्या को लेकर स्टैनफोर्ड द्वारा एक रिसर्च की गई थी. इसमें अमेरिका के 3.6% वयस्कों को एक साल में नींद में चलने जैसी बीमारी को देखा गया था और आने वाले साल को लेकर चिंता जताई थी.

पारिवारिक संबंध

पारिवारिक संबंध 4 / 7

रिसर्च के मुताबिक, अगर पेरेंट्स को नींद में चलने की बीमारी है तो बच्चों में होने की संभावना बढ़ जाती है. अगर दोनों को है तो आने वाली पीढ़ी में यह समस्या 60% से भी ज्यादा देखी जा सकती है.

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नींद में चलना किस बीमारी का संकेत है?

नींद में चलना किस बीमारी का संकेत है?  5 / 7

नींद में चलना कोई बड़ी बीमारी का संकेत नहीं है. ऐसा अक्सर नींद की कमी, दवाइयों का असर, स्ट्रेस या नाइट टेरर जैसी समस्याओं की वजह से हो सकता है.

क्या नींद में चलना खतरनाक है?

क्या नींद में चलना खतरनाक है?6 / 7

कई बार यह बीमारी गंभीर हो सकती है. अगर आपके साथ ऐसा हर रोज हो रहा है तो इंसान के गिरने की संभावना बढ़ जाती है. वहीं, बार-बार होने पर यह बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.

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कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है? 7 / 7

अगर यह परेशानी एक गंभीर समस्या बन जाए तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए. कई बार नींद में चलने से चोट लगने या गंभीर हादसा होने का खतरा दोगुना बढ़ जाता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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