क्या दूध के दांत सड़ने पर परमानेंट दांत भी खराब हो जाते हैं? डॉक्टर ने बताया बच्चे के दांतों की कैसे करें देखरेख

Baby Teeth Cavity: बच्चों के दूध के दांतों में अक्सर ही सड़न हो जाती है. इस सड़न को पैरेंट्स गंभीरता से नहीं लेते. लेकिन, क्या कच्चे दांतों की सड़न पक्के दांतों को प्रभावित करती है? आइए जानें डॉक्टर का इसपर क्या कहना है.

what should parents do
1 / 7

Teeth Cavity In Children: बच्चों के दांतों में कैविटी हो जाती है या दांत सड़ जाते हैं तो माता-पिता को लगता है कि यह कैविटी दूध के दांतों में (Milk Teeth Cavity) है और इसीलिए जब ये दांत गिर जाएंगे तो परमानेंट दांत एकदम ठीक आएंगे. लेकिन, ये पैरेंट्स की सबसे बड़ी गलती साबित होती है. पीडियाट्रिशियन डॉ. तरुण आनंद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर किया है और बताया है कि दूध के दांतों की कैविटी बच्चे के परमानेंट दांतों को भी सड़ा देती है. ऐसे में परमानेंट दांत आने से पहले ही दूध वाले दांत की सड़न नए दांतों की जड़ों को खराब कर देती है. आइए डॉक्टर से ही जानें कि बच्चे के दांतों को सड़ने से कैसे बचाएं और किस तरह बच्चे का ओरल हाइजीन मेंटेन करें.

विज्ञापन

दांतों की सड़न को ना लें लाइटली

दांतों की सड़न को ना लें लाइटली 2 / 7

डॉ. तरुण आनंद ने बताया कि किस तरह कुछ पैरेंट्स बच्चे के दांतों की सड़न को बेहद लाइटली ले लेते हैं, खासकर तब जब बच्चा 4 या 5 साल से छोटा होता है और उसके दांत दूध के दांत यानी टेम्पररी दांत होते हैं.

विज्ञापन

होने लगती हैं ये दिक्कतें

होने लगती हैं ये दिक्कतें 3 / 7

डॉक्टर बताते हैं कि सबसे जरूरी यह समझना है कि कैविटी होने पर दांतों की जड़ें डैमेज होने लगती हैं. इससे परमानेंट दांत आने में दिक्कत होती है, दांतों की अलाइनमेंट बिगड़ सकती है और कैविटी की वजह से बच्चे को दांतों में दर्द रहने लगता है. इससे बच्चे की स्कूल की परफोर्मेंस बिगड़ने से लेकर उसके खाना खाने और सोने में भी परेशानी होने लगती है.

पैरेंट्स क्या करें

पैरेंट्स क्या करें 4 / 7

बच्चे के टेम्पररी दांतों में किसी भी तरह की दिक्कत नजर आती है, जैसे रंग का फीका होना, काले निशान या सड़न होना, ऐसे में तुरंत डेंटिस्ट को दिखाना जरूरी है.

विज्ञापन

बच्चे का ओरल हाइजीन कैसे मेंटेन करें

बच्चे का ओरल हाइजीन कैसे मेंटेन करें 5 / 7

बच्चे के 6 महीने का होने के बाद से ही आप सिलिकोन फिंगर ब्रश से उसके मसूड़ों की मसाज कर सकते हैं. इससे टीथिंग दर्द से भी आराम मिलता है और ओरल हाइजीन भी मेंटेन रहता है. बच्चे का टीथिंग प्रोसेस भी आराम से होता है.

1 से 2 साल के बच्चे की दांतों की सफाई

1 से 2 साल के बच्चे की दांतों की सफाई 6 / 7

बच्चा अगर 1 से 2 साल का है तो उसे ब्रश करवाना जरूरी है. बच्चे को सॉफ्ट बेबी ब्रश दें और उसे दिन में 2 बार ब्रश करवाएं.

विज्ञापन

2 साल के बच्चे के दांत कैसे करें साफ

2 साल के बच्चे के दांत कैसे करें साफ 7 / 7

बच्ची की उम्र 2 साल से ज्यादा हो तो उसे फ्लोराइड बेस्ड टूथपेस्ट दें और ब्रश करवाएं, कोशिश करें कि आप बच्चे को रात में दूध, जूस या मीठी चीजें ना दें. ऐसा इसलिए ताकि बच्चे के दांतों पर लेयर ना बने और कैविटी ना हो. इसके अलावा, हर साल रूटीन डेंटल चेकअप कराएं जिससे बच्चे की टीथ क्वालिटी भी अच्छी रहे. यह भी पढ़ें - नहाने के पानी का तापमान कितना होना चाहिए? जानिए क्या कहता है विज्ञान अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन