सोलर पैनल या जनरेटर? खरीदने से पहले जान लें कौन बचाएगा ज्यादा पैसा और देगा बेहतर बैकअप

सोलर लगवाना बेहतर है या जनरेटर खरीदना? कई लोग शुरुआती कीमत देखकर फैसला कर लेते हैं, लेकिन असली फर्क लंबे समय के खर्च, मेंटेनेंस और बिजली बचत में नजर आता है. जानिए दोनों में कौन है ज्यादा किफायती और आपके लिए सही विकल्प.

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शुरुआत में जनरेटर पड़ सकता है सस्ता

शुरुआत में जनरेटर पड़ सकता है सस्ता2 / 8

अगर केवल शुरुआती खर्च की बात करें तो जनरेटर कम कीमत में उपलब्ध हो जाता है. उदाहरण के तौर पर 5 kVA क्षमता वाले जनरेटर की कीमत लगभग 40 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक हो सकती है. इसी वजह से कई लोग शुरुआत में इसे चुनना पसंद करते हैं.

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सोलर सिस्टम लगाने में कितना खर्च आता है?

सोलर सिस्टम लगाने में कितना खर्च आता है?3 / 8

सोलर सिस्टम की शुरुआती लागत जनरेटर की तुलना में ज्यादा होती है. आमतौर पर 3 kW सोलर सिस्टम लगाने में करीब 1.5 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. हालांकि यह लागत बैटरी, इन्वर्टर और सिस्टम की क्षमता के अनुसार बदल सकती है. ये भी पढ़ें-SMS के आखिर में क्यों लिखा होता है P, S, T और G? 99% लोग नहीं जानते इसका असली मतलब

चलाने के खर्च में सोलर का पलड़ा भारी

चलाने के खर्च में सोलर का पलड़ा भारी4 / 8

जनरेटर को चलाने के लिए लगातार डीजल या पेट्रोल की जरूरत पड़ती है, जिससे हर महीने खर्च बढ़ता रहता है. ईंधन महंगा होने पर यह लागत और बढ़ जाती है. दूसरी ओर, सोलर पैनल सूरज की रोशनी से बिजली बनाते हैं, इसलिए एक बार इंस्टॉल होने के बाद बिजली उत्पादन का खर्च लगभग शून्य हो जाता है.

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मेंटेनेंस और प्रदूषण के मामले में कौन बेहतर?

मेंटेनेंस और प्रदूषण के मामले में कौन बेहतर?5 / 8

 जनरेटर में इंजन होने के कारण समय-समय पर सर्विस और रखरखाव की जरूरत पड़ती है. इसके अलावा यह शोर करता है और धुआं छोड़ता है, जिससे प्रदूषण भी बढ़ता है. सोलर सिस्टम में चलने वाले हिस्से कम होते हैं, इसलिए इसका रखरखाव कम होता है और यह बिना शोर व प्रदूषण के बिजली उपलब्ध कराता है. ये भी पढ़ें-फोन में छिपे हैं ये 5 लाइफ-सेविंग फीचर्स, मुसीबत में बचाएंगे आपकी जान, आज ही करें ऑन

बिजली कटने पर कौन देगा बेहतर बैकअप?

बिजली कटने पर कौन देगा बेहतर बैकअप?6 / 8

जनरेटर तब तक बिजली देता रहता है, जब तक उसमें ईंधन मौजूद है. वहीं, बैटरी से लैस सोलर सिस्टम भी बिजली कटौती के दौरान जरूरी उपकरणों को चलाने में सक्षम होता है. अगर केवल इमरजेंसी बैकअप चाहिए तो जनरेटर उपयोगी हो सकता है, लेकिन नियमित उपयोग के लिए सोलर बेहतर विकल्प माना जाता है.

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5 से 10 साल में किससे होगी ज्यादा बचत?

5 से 10 साल में किससे होगी ज्यादा बचत?7 / 8

लंबी अवधि के कुल खर्च को देखें तो जनरेटर महंगा साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें ईंधन और मेंटेनेंस का खर्च लगातार जुड़ता रहता है. इसके मुकाबले सोलर सिस्टम की शुरुआती लागत ज्यादा जरूर होती है, लेकिन बाद में बिजली उत्पादन का खर्च बेहद कम हो जाता है, जिससे अच्छी बचत होती है.

घर के लिए क्या चुनना चाहिए?

घर के लिए क्या चुनना चाहिए?8 / 8

अगर आप लंबे समय तक बिजली की जरूरत को पूरा करना चाहते हैं और बिजली बिल भी कम करना चाहते हैं, तो सोलर पैनल, इन्वर्टर और बैटरी वाला सिस्टम बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं, केवल बिजली कटौती के दौरान बैकअप के लिए जनरेटर आज भी एक उपयोगी समाधान माना जाता है. (Images Credit-magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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