तकिए के नीचे फोन रखकर सोना चाहिए या नहीं, क्या नीचे रखने से फट सकता है फोन? जान लें सच

क्या आप भी रात को सोते समय अपना स्मार्टफोन तकिए के नीचे या सिरहाने रखकर सोते हैं? अगर हां, तो यह आदत आपकी सोच से कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकती है. जानिए क्यों एक्सपर्ट्स सोते समय फोन को दूर रखने की सलाह देते हैं.

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स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. कई लोग रात को सोते समय भी फोन को अपने पास, तकिए के नीचे या सिरहाने रखकर सो जाते हैं. हालांकि यह आदत देखने में सामान्य लगती है, लेकिन इसके गंभीर खतरे हो सकते हैं. फोन का बढ़ता तापमान आपकी सुरक्षा और सेहत दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

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तकिए के नीचे रखने से फोन क्यों गर्म होता है?

तकिए के नीचे रखने से फोन क्यों गर्म होता है?2 / 8

फोन जब चालू रहता है या चार्जिंग पर लगा होता है, तब उसमें लगातार गर्मी पैदा होती है. सामान्य स्थिति में यह गर्मी हवा के जरिए बाहर निकल जाती है, लेकिन तकिए या गद्दे के नीचे रखने पर वेंटिलेशन नहीं मिल पाता. ऐसे में फोन का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है.

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बैटरी पर पड़ता है सीधा असर

बैटरी पर पड़ता है सीधा असर3 / 8

तकिए और गद्दे जैसी मुलायम चीजें फोन से निकलने वाली गर्मी को रोक देती हैं. इससे फोन के अंदर लगी लिथियम-आयन बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसके अत्यधिक गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है. लंबे समय तक ऐसा होने पर बैटरी खराब होने या दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है. जब बैटरी जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाती है, तो उसके अंदर रासायनिक प्रतिक्रिया तेजी से बढ़ने लगती है. इस स्थिति को थर्मल रनअवे कहा जाता है. इसके कारण बैटरी शॉर्ट सर्किट हो सकती है और आग लगने जैसी गंभीर घटना भी हो सकती है. ये भी पढ़ें- Jio का धमाकेदार ऑफर! इस इकलौते प्लान में मिल रहा 56 दिन तक अनलिमिटेड 5G और कई फ्री बेनिफिट्स

बिस्तर पर बढ़ जाता है आग का खतरा

बिस्तर पर बढ़ जाता है आग का खतरा4 / 8

बेडशीट, तकिया, गद्दा और रुई जैसे सामान जल्दी आग पकड़ सकते हैं. यदि गर्म हुआ फोन या बैटरी किसी वजह से आग पकड़ ले, तो आग तेजी से फैल सकती है. सोते समय ऐसी स्थिति में प्रतिक्रिया देने का समय भी बहुत कम मिलता है.

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नकली चार्जर बना सकते हैं खतरा और बड़ा

नकली चार्जर बना सकते हैं खतरा और बड़ा5 / 8

यदि फोन किसी खराब, सस्ते या नकली चार्जर से चार्ज हो रहा हो और उसे तकिए के नीचे रखा गया हो, तो जोखिम कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे चार्जर अक्सर सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते और बैटरी को असामान्य रूप से गर्म कर सकते हैं. ये भी पढ़ें- iPhone की 20वीं सालगिरह पर Apple देगा बड़ा सरप्राइज, फोल्डेबल iPhone क्या लॉन्च होंगे कैमरा वाले AirPods?

नींद पर पड़ता है नकारात्मक असर

नींद पर पड़ता है नकारात्मक असर6 / 8

फोन को सिर के बेहद करीब रखकर सोने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. कई लोगों को सुबह उठने पर सिर भारी लगना, थकान महसूस होना या चिड़चिड़ापन महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अच्छी नींद के लिए फोन को दूरी पर रखना बेहतर माना जाता है.

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ब्लू लाइट भी है बड़ी वजह

ब्लू लाइट भी है बड़ी वजह7 / 8

सोने से पहले फोन का इस्तेमाल करने पर स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में बनने वाले मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित कर सकती है. यह हार्मोन नींद को नियंत्रित करता है. इसके प्रभावित होने से नींद आने में देरी हो सकती है और आरामदायक नींद नहीं मिल पाती.

सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये आदतें

सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये आदतें8 / 8

सोते समय फोन को अपने शरीर और सिर से कम से कम 3 से 4 फीट दूर किसी टेबल या ठोस सतह पर रखें. इससे गर्मी आसानी से बाहर निकलती रहेगी और दुर्घटना का खतरा कम होगा. फोन को कभी भी बेड, गद्दे या सोफे पर रखकर चार्ज न करें. हमेशा समतल और कठोर सतह पर ही चार्ज करें, ताकि पर्याप्त वेंटिलेशन मिलता रहे और फोन अधिक गर्म न हो. अगर किसी कारणवश रात में फोन अपने पास रखना जरूरी हो, तो उसे फ्लाइट मोड पर डाल सकते हैं. इससे नेटवर्क गतिविधियां कम हो जाती हैं और अनावश्यक बैटरी खपत व संभावित रेडिएशन भी कम हो सकता है. (Images Credit-AI/Freepik)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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