सेना की गाड़ियों पर क्यों बना होता है खास Arrow? जानिए इसका असली मतलब, हैरान करने वाली है वहज

क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय सेना की गाड़ियों की नंबर प्लेट पर बना तीर आखिर क्या बताता है? यह सिर्फ एक निशान नहीं, बल्कि सेना की पहचान, सुरक्षा और खास नियमों से जुड़ा अहम प्रतीक है. जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी.

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अगर आपने भारतीय सेना के वाहनों की नंबर प्लेट देखी है, तो उस पर ऊपर की ओर बना एक खास ब्रॉड ऐरो जरूर नजर आया होगा. यह निशान आम वाहनों में नहीं मिलता. दरअसल, यह केवल एक प्रतीक नहीं बल्कि सेना की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण चिन्ह है.

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सैन्य वाहनों की अलग पहचान

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भारतीय सेना के वाहनों को सामान्य वाहनों से अलग दिखाने के लिए नंबर प्लेट पर मोटा और ऊपर की दिशा में बना ऐरो लगाया जाता है. इस निशान की मदद से दूर से ही पता चल जाता है कि वाहन सेना के इस्तेमाल में है.

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ब्रिटिश दौर से चली आ रही परंपरा

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ब्रॉड ऐरो का इतिहास काफी पुराना है. इसका उपयोग ब्रिटिश शासनकाल के दौरान किया जाता था. आजादी के बाद भारतीय सेना ने भी इस परंपरा को जारी रखा और इसे अपनी पहचान का हिस्सा बनाए रखा.

आपात स्थिति में मिलता है फायदा

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इस निशान का एक व्यावहारिक उपयोग भी है. दुर्घटना, आग लगने या वाहन पलटने जैसी स्थिति में वाहन की दिशा और पहचान जल्दी करने में यह ऐरो मदद करता है. इससे राहत और बचाव कार्य में आसानी होती है. ये भी पढ़ें-आपकी इन आदतों से खराब होता है कार का AC, 90% लोग रोज करते हैं ये गलतियां

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बताता है कि वाहन सेना का है

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नंबर प्लेट पर बना यह ऐरो साफ संकेत देता है कि वाहन किसी निजी व्यक्ति या सामान्य नागरिक का नहीं है. यह रक्षा सेवाओं से जुड़ा वाहन है और सैन्य उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

कॉमनवेल्थ सैन्य परंपरा से जुड़ा प्रतीक

कॉमनवेल्थ सैन्य परंपरा से जुड़ा प्रतीक6 / 7

ब्रॉड ऐरो का संबंध कॉमनवेल्थ देशों की सैन्य परंपराओं से माना जाता है. इसका इस्तेमाल उन वाहनों और उपकरणों पर किया जाता है जो सरकार की ओर से रक्षा कार्यों में उपयोग किए जाते हैं. ये भी पढ़ें- कार का AC फुल स्पीड पर चलाने से कितना बढ़ता है फ्यूल खर्च? जानिए कितना गिरता है माइलेज

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अलग नियमों के तहत चलते हैं सैन्य वाहन

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सेना के वाहन सामान्य मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के बजाय रक्षा मंत्रालय द्वारा तय नियमों के अनुसार संचालित होते हैं. यही वजह है कि उनकी नंबर प्लेट और पहचान प्रणाली आम वाहनों से अलग होती है. प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इस विषय से जुड़े सवाल अक्सर पूछे जाते हैं.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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