AC का ये छुपा हुआ मोड बचाएगा बिजली बिल! उमस-चिपचिपाहट से मिलेगी राहत, 90% लोग नहीं जानते इसका सही इस्तेमाल

क्या मानसून में भी AC चलाने के बाद कमरा चिपचिपा और उमस भरा लगता है? हो सकता है आप AC का गलत मोड इस्तेमाल कर रहे हों. AC में मौजूद एक खास फीचर न सिर्फ कमरे की नमी को कम करता है, बल्कि बिजली की खपत भी घटा सकता है.

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मानसून की शुरुआत के साथ गर्मी से राहत जरूर मिलती है, लेकिन इसके साथ हवा में नमी और उमस काफी बढ़ जाती है. ऐसे में कई लोग AC चलाते हैं, लेकिन सही मोड का इस्तेमाल नहीं करते. नतीजा यह होता है कि कमरा ठंडा तो हो जाता है, लेकिन चिपचिपाहट और उमस बनी रहती है. अगर बारिश के मौसम में बेहतर आराम और कम बिजली खर्च चाहते हैं, तो AC का एक खास मोड आपके काफी काम आ सकता है.

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बारिश में उमस क्यों ज्यादा महसूस होती है?

बारिश में उमस क्यों ज्यादा महसूस होती है?2 / 7

मानसून के दौरान हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. तापमान भले ही बहुत ज्यादा न हो, लेकिन वातावरण में मौजूद एक्स्ट्रा मॉइस्चर शरीर को असहज महसूस कराता है. पसीना जल्दी नहीं सूखता और कमरे में भी चिपचिपापन महसूस होने लगता है. यही वजह है कि कई बार 28 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी लोगों को गर्मी जैसी परेशानी महसूस होती है.

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Dry Mode करता है कमाल

Dry Mode करता है कमाल3 / 7

बारिश के मौसम में AC का Dry Mode सबसे उपयोगी फीचर्स में से एक माना जाता है. इस मोड का मुख्य काम कमरे की हवा में मौजूद एक्स्ट्रा नमी को कम करना होता है. जब Dry Mode चालू किया जाता है, तो AC का फोकस कमरे को जरूरत से ज्यादा ठंडा करने के बजाय हवा को कम नम बनाने पर होता है. Dry Mode ऑन होने पर AC का कंप्रेसर लगातार नहीं चलता, बल्कि जरूरत के अनुसार बीच-बीच में काम करता है. इससे कमरे की हवा से अतिरिक्त नमी हटती है और वातावरण ज्यादा आरामदायक महसूस होता है. साथ ही उमस कम होने से बिना ज्यादा कूलिंग के भी राहत मिलती है और बिजली की खपत भी अपेक्षाकृत कम हो सकती है. ये भी पढ़ें- बेकार पड़े पुराने स्मार्टफोन को सिर्फ 10 मिनट में बनाएं CCTV कैमरा, फ्री में होगी घर की सुरक्षा, जानें कैसे

Dry Mode के दो बड़े फायदे

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Dry Mode का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कमरे में मौजूद नमी और चिपचिपेपन को कम करता है. इससे ज्यादा ठंडक के बिना भी आरामदायक माहौल बना रहता है. दूसरा बड़ा फायदा बिजली की बचत है, क्योंकि इस मोड में AC को लगातार फुल क्षमता पर काम नहीं करना पड़ता. यही कारण है कि कई मामलों में Cool Mode की तुलना में बिजली की खपत कम हो सकती है.

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कब नहीं करना चाहिए Dry Mode का इस्तेमाल?

कब नहीं करना चाहिए Dry Mode का इस्तेमाल?5 / 7

अगर बाहर का तापमान बहुत ज्यादा हो और हवा में नमी कम हो, तो Dry Mode ज्यादा प्रभावी नहीं रहता. ऐसी स्थिति में Cool Mode बेहतर विकल्प साबित होता है, क्योंकि उसका मुख्य उद्देश्य कमरे को तेजी से ठंडा करना होता है. Dry Mode खास तौर पर बारिश और अधिक नमी वाले दिनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. ये भी पढ़ें- फोन का USB-C पोर्ट सिर्फ चार्जिंग के लिए नहीं! इसके ये 5 काम जानकर रह जाएंगे हैरान

बारिश के दिनों के लिए ही बना है यह मोड

बारिश के दिनों के लिए ही बना है यह मोड6 / 7

Dry Mode विशेष रूप से उन परिस्थितियों में बेहतर काम करता है, जहां हवा में नमी बहुत ज्यादा हो. इसका मकसद तापमान को बहुत कम करना नहीं, बल्कि हवा से अतिरिक्त मॉइस्चर हटाकर कमरे को अधिक आरामदायक बनाना होता है. इसलिए मानसून के दौरान यह मोड काफी उपयोगी साबित हो सकता है.

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मानसून में AC चलाते समय रखें इन बातों का ध्यान

मानसून में AC चलाते समय रखें इन बातों का ध्यान7 / 7

बारिश के मौसम में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, ताकि बाहर की नमी अंदर न आ सके. इससे AC की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है और कमरे का माहौल भी अधिक आरामदायक रहता है. वहीं AC के फिल्टर की नियमित सफाई करना बेहद जरूरी है. (Images Credit- Magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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