AC Auto Mode: बारिश और गर्मी में AC का कौन सा मोड है सबसे बेस्ट? जवाब जानकर बदल देंगे सेटिंग

अधिकतर लोग AC को सिर्फ Cool Mode पर चलाते हैं, लेकिन शायद ही जानते हों कि Auto Mode कई परिस्थितियों में ज्यादा स्मार्ट तरीके से काम करता है. जानिए क्यों बदलते मौसम में Auto Mode आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.

AC MOde
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अधिकतर लोग गर्मियों की शुरुआत में AC को Cool Mode पर सेट कर देते हैं और फिर पूरे सीजन उसी मोड पर इस्तेमाल करते रहते हैं. लेकिन आजकल लगभग हर स्प्लिट AC में Auto Mode भी दिया जाता है, जो मौसम और कमरे की स्थिति के हिसाब से खुद काम करता है.

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Auto Mode कैसे करता है काम?

Auto Mode कैसे करता है काम?2 / 8

Auto Mode कोई एक तय सेटिंग नहीं है. इसमें AC लगातार कमरे के तापमान और नमी के स्तर पर नजर रखता है. इसके बाद वह खुद तय करता है कि कमरे को ज्यादा ठंडा करना है, नमी कम करनी है या सिर्फ हवा का सर्कुलेशन बनाए रखना है.

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बदलते मौसम में क्यों है फायदेमंद?

बदलते मौसम में क्यों है फायदेमंद?3 / 8

 इस समय मौसम तेजी से बदल रहा है. एक दिन तेज गर्मी होती है तो दूसरे दिन बारिश और उमस बढ़ जाती है. ऐसे में बार-बार AC का मोड बदलने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि Auto Mode मौसम के अनुसार खुद को एडजस्ट कर लेता है. ये भी पढ़ें- WhatsApp पर आ रहा नया फीचर, अनजान नंबर की चैट खोलते ही दिखेगा खतरे का अलर्ट

गर्म और सूखे मौसम में क्या करता है?

गर्म और सूखे मौसम में क्या करता है?4 / 8

जब बाहर का मौसम गर्म और सूखा होता है, तब Auto Mode कमरे को तेजी से ठंडा करने पर फोकस करता है. इस दौरान AC Cool Mode की तरह काम करता है और कमरे का तापमान आरामदायक स्तर तक लाने की कोशिश करता है.

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उमस बढ़ने पर बदल जाता है तरीका

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अगर मौसम में नमी ज्यादा हो और वातावरण चिपचिपा महसूस हो रहा हो, तो Auto Mode केवल ठंडक बढ़ाने की बजाय हवा से अतिरिक्त नमी निकालने पर ध्यान देता है. इससे कमरा ज्यादा आरामदायक महसूस होता है और बेवजह ज्यादा ठंडक भी नहीं बनती. ये भी पढ़ें- बारिश में AC चलाना चाहिए या नहीं, क्या फट जाता है कंप्रेसर? जानें सच

बार-बार सेटिंग बदलने की जरूरत नहीं

बार-बार सेटिंग बदलने की जरूरत नहीं6 / 8

Auto Mode की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यूजर को खुद Cool Mode और Dry Mode के बीच स्विच नहीं करना पड़ता. AC अपने सेंसर की मदद से कमरे की जरूरत समझकर खुद सही मोड चुन लेता है.

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 बिजली बचाने में भी करता है मदद

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मैन्युअल Cool Mode में AC कई बार जरूरत से ज्यादा देर तक ठंडी हवा देता रहता है. वहीं Auto Mode कमरे का तय तापमान हासिल होने के बाद कूलिंग को कम कर देता है और जरूरत पड़ने पर ही दोबारा सक्रिय होता है. इससे कंप्रेसर पर कम दबाव पड़ता है और बिजली की खपत भी कम हो सकती है.

कमरे का तापमान रहता है बेलेंस

कमरे का तापमान रहता है बेलेंस8 / 8

Auto Mode के इस्तेमाल से कमरे का तापमान लगातार एक जैसा बनाए रखने में मदद मिलती है. इससे न तो कमरा जरूरत से ज्यादा ठंडा होता है और न ही बार-बार तापमान में बदलाव महसूस होता है, जिससे बेहतर आराम मिलता है. (Images Credit-Magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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