EPFO UAN New Rules: पीएफ खाताधारकों को झटका, ईपीएफओ पोर्टल से हटी ये खास सुविधा, अब ऐसे चालू होगा UAN नंबर!
EPFO Discontinues UAN Activation on Portal: ईपीएफओ ने अपने पोर्टल से यूएएन एक्टिवेशन और अलॉटमेंट की सुविधा बंद कर दी है। अब उमंग (UMANG) ऐप और आधार फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए यह काम कैसे होगा, जानिए पूरी प्रक्रिया।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल को अपग्रेड करने के बाद एक बड़ा बदलाव किया है। अब पीएफ खाताधारक वेबसाइट के जरिए अपना UAN एक्टिवेट नहीं कर पाएंगे और न ही नया UAN जनरेट कर सकेंगे।
अब वेबसाइट नहीं, उमंग (UMANG) ऐप पर शिफ्ट हुईं ये दोनों जरूरी सर्विसेज
2 / 7ईपीएफओ ने इन दोनों महत्वपूर्ण सुविधाओं को पूरी तरह से बंद नहीं किया है, बल्कि इन्हें केंद्र सरकार के UMANG ऐप पर शिफ्ट कर दिया है। अब नए और पुराने दोनों तरह के सब्सक्राइबर्स को उमंग ऐप का ही इस्तेमाल करना होगा।
फेस ऑथेंटिकेशन हुआ अनिवार्य
3 / 7सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए ईपीएफओ ने अब UAN एक्टिवेशन और अलॉटमेंट के लिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar-based Face Authentication) को अनिवार्य कर दिया है। यानी अब चेहरा स्कैन होने के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी होगी। यह भी पढ़ें :
UAN एक्टिवेट करने का नया तरीका
4 / 7सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से UMANG ऐप डाउनलोड करें। ऐप खोलकर EPFO Services के विकल्प को चुनें। अब "UAN Services Through Face Auth" के तहत "UAN Activation" पर क्लिक करें। अपना आधार फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें और ऑन-स्क्रीन निर्देशों का पालन करें। यह भी पढ़ें :
नया UAN जनरेट करने का प्रोसेस
5 / 7जिन कर्मचारियों को नया UAN जनरेट करना है, वे उमंग ऐप में जाकर "UAN Allotment and Activation" पर क्लिक करें। इसके बाद आधार फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए प्रक्रिया को पूरा कर नया UAN पा सकते हैं। यह भी पढ़ें :
भूल गए हैं UAN? तो अब प्रक्रिया हुई आसान
6 / 7अच्छी बात यह है कि पोर्टल पर खोया हुआ UAN वापस पाने की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। इसके लिए आपको अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना होगा, आईडी/एड्रेस प्रूफ अपलोड करना होगा और मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को वेरीफाई करना होगा।
पोर्टल पर बची है यह बड़ी सुविधा
7 / 7यूएएन से जुड़ी सेवाएं शिफ्ट होने के बाद भी ईपीएफओ पोर्टल पर ऑनलाइन डेथ क्लेम फाइल करने की सुविधा मिलती रहेगी। इसके लिए लाभार्थियों को आधार लिंक मोबाइल नंबर, डेथ सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स जैसे दस्तावेज पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में (2 MB से कम साइज) अपलोड करने होंगे।



















