बारिश में टायर में नाइट्रोजन भरवाएं या सामान्य हवा? जानिए कौन-सा ऑप्शन रखेगा आपको ज्यादा सुरक्षित

क्या आप भी मानसून में टायरों में सामान्य हवा भरवा रहे हैं. तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. जानिए बारिश में नाइट्रोजन और सामान्य हवा में कौन-सा ऑप्शन बेहतर और आपके लिए सुरक्षित है.

Air in tyre
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अक्सर बारिश में सड़के फिसलन भरी हो जाती हैं, इसलिए गाड़ी के टायरों की ग्रिप और बैलेंस सबसे ज्यादा मायने रखते हैं. ऐसे में टायरों में भरी जाने वाली हवा भी आपकी सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है.

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मानसून में टायर प्रेशर क्यों बदलता रहता है?

मानसून में टायर प्रेशर क्यों बदलता रहता है?2 / 7

बारिश के मौसम में तापमान लागातार ऊपर नीचे होता रहता है. जिसका सीधा असर टायर प्रेशर पर पड़ता है. सामान्य हवा तापमान बदलने पर जल्दी फैलती है और सिकुड़ती है, जिससे टायर का प्रेशर स्थिर नहीं रहता है. वहीं नाइट्रोजन गैस पर तापमान का असर आमतौर पर थोड़ा कम होता है. इसलिए टायर प्रेशर लंबे टाइम तक सही बना रहता है.

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नमी से बचाव में नाइट्रोजन कैसे करती है मदद?

नमी से बचाव में नाइट्रोजन कैसे करती है मदद?3 / 7

सामान्य हवा में नमी मौजूद रहती है और मानसून में यह नमी और बढ़ जाती है. यही नमी धीरे-धीरे व्हील रिम में जंग लगने और टायर के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचाने का कारण बन सकता है. दूसरी तरफ नाइट्रोजन पूरी तरह से सूखी गैस होती है, इसलिए इसमें नमी नहीं होती.

गीली सड़क पर नाइट्रोजन का क्या फायदा मिलता है?

 गीली सड़क पर नाइट्रोजन का क्या फायदा मिलता है?4 / 7

जब टायर का प्रेशर सही बना रहता है तो सड़क पर उसकी पकड़ भी बेहतर रहती है. नाइट्रोजन की वजह से टायर प्रेशर लंबे समय तक स्थिर रहता है, जिससे बारिश में कार की ग्रिप बेहतर बनी रहती है. इसका फायदा ये होता है कि फिसलन वाली सड़क पर गाड़ी के स्लिप होने का खतरा कम हो सकता है.

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सामान्य हवा के क्या फायदे हैं?

सामान्य हवा के क्या फायदे हैं?5 / 7

नॉर्मल हवा का सबसे बड़ा फायदा इसकी आसान उपलब्धता है. ये लगभग हर पेट्रोल पंप और पंक्चर की दुकान पर बिना किसी एक्स्ट्रा खर्च के मिल जाती है. अगर अचानक टायर प्रेशर कम होतो इसे तत्काल भरवाना आसान होता है इसलिए रोजमर्रा के इस्तेमाल में यह सुविधाजनक विकल्प है.

सामान्य हवा की क्या सीमाएं हैं?

सामान्य हवा की क्या सीमाएं हैं?6 / 7

बारिश के मौसम में सामान्य हवा के साथ नमी भी टायर के अंदर पहुंच जाती है. इसे टायर का तापमना बढ़ सकता है और प्रेशर से जल्दी-जल्दी बदलाव देखने को मिल सकता है. यही कारण है कि मानसून में सामान्य हवा की तुलना में नाइट्रोजन को ज्यादा स्थिर और बेहतर विकल्प माना जाता है.

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मानसून में किस हवा का चुनाव करना चाहिए?

मानसून में किस हवा का चुनाव करना चाहिए?7 / 7

फैक्ट्स के मुताबिक बारिश के मौसम में टायरों में नाइट्रोजन गैस भरवाना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. इससे टायरों की उम्र बढ़ाने में मदद मिलती है, व्हील रिम को जंग से बचाव मिलता है और गीली सड़क पर गाड़ी का संतुलन बेहतर बना रहता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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