No PUC No Fuel Rule: दिल्ली में अब ये काम किए बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! सरकार का बड़ा आदेश लागू
अगर आपकी गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है, तो अब दिल्ली में पेट्रोल, डीजल या CNG भरवाना मुश्किल हो सकता है. सरकार ने 'No PUC, No Fuel' नियम को पूरे साल के लिए लागू कर दिया है. जानते हैं इसके नियम.

दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाया है. पर्यावरण एवं वन विभाग ने असाधारण राजपत्र जारी कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए निर्देश लागू किए हैं. इन नियमों का उद्देश्य सर्दियों में खराब होती हवा की गुणवत्ता पर प्रभावी नियंत्रण करना है.
सर्दियों में क्यों बढ़ती है चिंता?
2 / 7सरकार के अनुसार, हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता (AQI) काफी खराब हो जाती है. पिछले तीन वर्षों (2023-24, 2024-25 और 2025-26) के आंकड़ों में इस अवधि के दौरान औसत AQI 312 से 342 के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम स्तर 461 से 494 तक पहुंचा. इसी स्थिति को देखते हुए पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत विशेष निर्देश जारी किए गए हैं.
'नो PUC, नो फ्यूल' नियम पूरे साल रहेगा लागू
3 / 7वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब दिल्ली के सभी पेट्रोल, डीजल और CNG/LPG पंपों पर केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन मिलेगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) होगा. यह नियम सिर्फ सर्दियों में नहीं, बल्कि पूरे वर्ष लागू रहेगा. ये भी पढ़ें- 5-स्टार सेफ्टी वाली कार खरीदनी है? भारत में सिर्फ ₹5.50 लाख से शुरू होते हैं ये सबसे सुरक्षित मॉडल
बिना PUC के भरवाया ईंधन तो लगेगा जुर्माना
4 / 7सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई वाहन बिना वैध PUC के पेट्रोल पंप से ईंधन लेता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों की पहचान ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों और अन्य निगरानी माध्यमों से की जाएगी तथा नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा. ये भी पढ़ें- कार का AC चालू करते ही क्यों आने लगती है बदबू? नजरअंदाज न करें ये हो सकते हैं कारण
डिजिटल तरीके से होगी PUC की जांच
5 / 7अब PUC की जांच सिर्फ कागजी प्रमाणपत्र देखकर नहीं होगी. इसका सत्यापन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी किया जाएगा. इसके लिए NPR और VAHAN जैसे केंद्रीकृत डेटाबेस का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि वाहन की जानकारी तुरंत जांची जा सके.
कई विभाग मिलकर करेंगे नियमों का पालन
6 / 7सरकार ने इन निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी कई विभागों और कंपनियों को सौंपी है. इसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL), रिलायंस पेट्रोलियम, दिल्ली परिवहन विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस शामिल हैं.
प्रदूषण रोकने की दिशा में सख्त पहल
7 / 7दिल्ली सरकार का मानना है कि इन नए नियमों के जरिए वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी. खासकर सर्दियों के महीनों में जब AQI बेहद खराब स्तर पर पहुंच जाता है, तब 'नो PUC, नो फ्यूल' जैसे सख्त कदम वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं.



















