...जब होगी मोदी और ट्रंप में मुलाकात, दोनों के बीच किन-किन मुद्दों पर होगी बात!
Narendra Modi Donald Trump Meeting: अमेरिका की आर्थिक तरक्की और सामाजिक ताने-बाने में भारतीयों की भूमिका को डोनाल्ड ट्रंप अच्छी तरह समझते हैं।
Edited By Amit Kasana

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विजय शंकर
Narendra Modi Donald Trump Meeting: 12 फरवरी, 2025 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों के अमेरिका दौरे पर रहेंगे, जहां उनकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात तय है। दूसरी पारी में प्रेसिडेंट ट्रंप से प्रधानमंत्री मोदी की पहली मुलाकात में क्या-क्या बातें होंगी, इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हाउडी मोदी से नमस्ते ट्रंप तक पूरी दुनिया मोदी और ट्रंप के बीच की केमेस्ट्री को देख चुकी है। लेकिन, दूसरी पारी में प्रेसिडेंट ट्रंप के तेवर पूरी तरह बदले हुए हैं।
ऐसे में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वैसे भी प्रेसिडेंट ट्रंप के अगले एक्शन को बारे में सटीक भविष्यवाणी का दावा उनके बहुत करीबी भी नहीं करते, ये भी कहना मुश्किल है कि वो दिल से फैसला करते हैं या दिमाग से। लेकिन, एक बात साफ है कि ट्रंप बहुत जुनूनी और सौदेबाजी में एक्सपर्ट हैं। मेक अमेरिका ग्रेट अगेन नारे को हकीकत में बदलने का ख्वाब लिए आगे बढ़ रहे ट्रंप अवैध प्रवासियों को खदेड़ने में जुटे हैं। ऐसे में एक-एक कर समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर ट्रंप और मोदी के बीच मुलाकात में औपचारिक या अनौपचारिक रूप से किन-किन मुद्दों पर बात हो सकती है।
India’s Prime Minister Narendra Modi will discuss nuclear energy, including small and modular reactors, during his meeting with US President Donald Trump this week https://t.co/Cmzse1rz91
— Bloomberg Economics (@economics) February 11, 2025
मोदी-ट्रंप की मुलाकात में पहला मुद्दा अवैध प्रवासी भारतीयों को डिपोर्ट करने के तौर-तरीकों को लेकर हो सकता है। बीते बुधवार यानी 5 फरवरी को अवैध प्रवासियों को लेकर अमेरिका सेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान ने अमृतसर में लैंडिंग की। अमेरिकी में पकड़े गए भारतीयों का कसूर सिर्फ इतना था कि उनके पास वहां रहने के लिए पूरे कागजात नहीं थे। अमेरिका से वापस भेजे गए 104 भारतीय हड़कड़ी में लाए गए, उनकी कमर और पैर जंजीर से बंधे थे। पकड़े गए अवैध प्रवासियों को किसी खूंखार आतंकी की तरह वापस लौटाया गया। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में बताया कि अवैध प्रवासियों को अमेरिका ने अपने नियम-कायदों के हिसाब से लौटाया है और ऐसा पहली बात नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आगे भी इसी तरह से अवैध प्रवासी भारतीयों को अमेरिका हड़कड़ी और पैरों में जंजीर बांध कर लौटाएगा?
अमेरिका जल्द ही और अवैध प्रवासी भारतीयों को डिपोर्ट कर सकता है, 487 अवैध प्रवासियों की बेदखली का अंतिम आदेश जारी हो चुका है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री का कहना है कि भारत ने हड़कड़ी में अवैध प्रवासी भारतीयों को डिपोर्ट करने पर अमेरिकी के सामने आपत्ति दर्ज कराया है। ट्रंप प्रशासन 20 हजार से अधिक अवैध प्रवासी भारतीयों की पहचान कर चुका है। प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत से करीब सवा सात लाख अवैध प्रवासी अमेरिका में रह रहे हैं। ट्रंप प्रशासन 2.0 में रोजाना 1200 अवैध प्रवासी पकड़े जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी की कोशिश होगी कि अमेरिका में बिना वैध दस्तावेज पकड़े गए भारतीयों को बिना हथकड़ी पहनाए लौटाया जाए।
ट्रंप-मोदी मुलाकात में बातचीत का दूसरा बड़ा मुद्दा कारोबार संतुलन का हो सकता है। ट्रंप कभी भारत को टैरिफ किंग कहा करते थे। अमेरिका और भारत के बीच कारोबार में अभी दिल्ली का पलड़ा भारी है। ऐसे में मोदी के साथ बातचीत की टेबल पर बैठने से पहले ट्रंप अपने हिसाब से डील के लिए रनवे तैयार करते दिख रहे हैं। एक फरवरी को बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर इंपोर्ट ड्यूटी 125% से घटाकर 70% करने का ऐलान किया। राष्ट्रपति ट्रंप का हार्ले डेविडसन बाइक से लगाव किसी से छिपा नहीं है । बजट में ऐसे 30 वस्तुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी कम करने का ऐलान किया है, जिससे अमेरिका को भारत के साथ व्यापार संतुलन में मदद मिलेगी।
माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन चाहेगा कि भारत-अमेरिका के बीच कारोबार में संतुलन हो,दोनों देशों के बीच 2023-24 में 128.78 बिलियन डॉलर यानी करीब 10 लाख करोड़ का बिजनेस हुआ, जिसमें से भारत ने अमेरिका को 77.52 बिलियन डॉलर यानी 6 लाख करोड़ रुपए का निर्यात किया था। ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम पर 25% शुल्क लगाने की बात कही है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि भारत से आने वाले सामानों पर टैक्स बढ़ाएंगे और भारत से अमेरिकी सामान पर टैक्स घटाने के लिए दबाव बनाएंगे। पिछली बार भी ट्रंप ने भारत के स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ़ लगाए थे।
ट्रंप और मोदी की मुलाकात में तीसरा बड़ा मुद्दा H1-B वीजा का हो सकता है। आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में तीन लाख 85 हजार से अधिक प्रवासियों को H1-B वीजा मिला, जिसमें से 2 लाख 79 हजार भारतीय थे। ऐसे में भारत चाहेगा कि H1-B वीजा पर भारत को लेकर अमेरिका का रवैया पहले की तरह ही रहे। सामरिक और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इस साल के आखिर में भारत QUAD शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत को उम्मीद है कि ट्रंप इसमें शामिल होने के लिए व्यक्तिगत रूप से समय निकालेंगे।
ट्रंप प्रशासन लगातार हिसाब लगा रहा है कि ट्रेड बैलेंस के लिए भारत से कहां-कहां डील हो सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप अपने दोस्त बिजनेस टायकून एलन मस्क के लिए भारतीय बाजार की राहों में लगे स्पीड ब्रेकर हटाते दिख सकते हैं। माना ये भी जा रहा है कि पीएम मोदी की इस बार अमेरिकी दौरे में टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क से मुलाकात हो सकती है । अटकलें लगाई जा रही है कि मस्क भारत में टेस्ला की एंट्री को लेकर चर्चा कर सकते हैं। इतना ही नहीं स्पेसएक्स के लिए भी भारत में संभावना तलाशते दिख सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि आज की तारीख में अमेरिका के लिए भारत कितना जरूरी है। अमेरिका की आर्थिक तरक्की और सामाजिक ताने-बाने में भारतीयों की भूमिका को भी ट्रंप अच्छी तरह समझते हैं। ट्रंप प्रशासन दक्षिण एशिया में भारत को एक बहुत भरोसेमंद सहयोगी के रूप में देखता है। ऐसे में माना जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने हालिया एक्शन के जरिए बातचीत की मेज पर बैठने से पहले डील के लिए अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका में जिस तरह की सोच आगे बढ़ी है। अमेरिकी राष्ट्रवाद को जिस तरह से आगे बढ़ाया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप मेक अमेरिका ग्रेट अगेन आंदोलन को जिस आक्रामकता से आगे बढ़ा रहे हैं, उनका ट्रेलर दुनिया के सामने है लेकिन पूरी फिल्म अभी बाकी है।
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