World Teachers' Day: 5 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड टीचर्स डे? जानिए इसका इतिहास और खासियत

World Teachers’ Day: क्या आपने कभी सोचा है कि 5 अक्टूबर को ही क्यों वर्ल्ड टीचर्स डे मनाया जाता है? आइए इस लेख में विस्तार से इस दिन का इतिहास और इससे जुड़ी खास बातें जानते हैं. 

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यह दिन दुनिया के टीचर्स को सम्मान देने के लिए सेलिब्रेट किया जाता है. एक टीचर बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि उनके फ्यूचर को शेप देने में भी अहम भूमिका निभाता है. Image Credit- Freepik

हर साल 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे यानी विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है. यह दिन दुनिया के टीचर्स को सम्मान देने के लिए सेलिब्रेट किया जाता है. एक टीचर बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि उनके फ्यूचर को शेप देने में भी अहम भूमिका निभाता है. हालांकि, उन्हें सम्मान देने के लिए भारत में 5 सितंबर को टीचर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है, लेकिन दुनियाभर में यह दिन 5 अक्टूबर को मनाया जाता है. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि 5 अक्टूबर को ही क्यों वर्ल्ड टीचर्स डे मनाया जाता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं इस दिन का इतिहास और इससे जुड़ी खास बातें. 

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5 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है World Teachers’ Day?

वर्ल्ड टीचर्स डे की तारीख सबसे पहले 5 अक्टूबर 1966 को तय की गई थी. इसी दिन यूनेस्को और इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन ने टीचर से जुड़े एक जरूरी दस्तावेज को बनाकर अपनाया गया था. इसे रिकमेंडेशन कन्सर्निंग द स्टेटस ऑफ टीचर्स कहा जाता है. इस सिफारिश में शिक्षकों के अधिकारों, उनकी जिम्मेदारियों, काम की तरीके और उनकी आजादी को लेकर बात की गई थी. 

पहली बार कब मनाया गया था यह दिन?

यह दिन पहली बार 1994 में मनाया गया था. इसके बाद से हर साल 5 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है. यूनेस्को ने इस दिन टीचर्स और एजुकेशन सिस्टम में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बात की. 

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वर्ल्ड टीचर्स डे का क्या है महत्व?

एजुकेशन की क्वालिटी में शिक्षक की भूमिका बेहद जरूरी होती है. एक शिक्षक बच्चों को विषय की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें सोचने, सवाल पूछने और सही फैसले लेने के लिए भी प्रेरित कर सकता है. यह दिन इस बात पर भी ध्यान आकर्षित करता है कि शिक्षकों को बेहतर काम करने के लिए और काम करने का अच्छा माहौल मिलना जरूरी है. 

टीचर्स डे और वर्ल्ड टीचर्स डे में क्या अंतर है?

भारत में 5 सितंबर को टीचर्स डे मनाया जाता है. यह दिन देश के पहले उपराष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. वहीं, वर्ल्ड टीचर्स डे हर साल 5 अक्टूबर को दुनियाभर में मनाया जाता है. इसलिए दोनों दिवस शिक्षकों के सम्मान से जुड़े होने के बावजूद अलग-अलग तारीखों से रिलेटेड है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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