फूड डिवोर्स क्या है? क्यों कपल्स अपना रहे हैं ये नया ट्रेंड; जानें इसका मतलब

Food Divorce: डिवोर्स सिर्फ रिश्ता खत्म करने के लिए नहीं किया जाता, बल्कि लोगों को पसंद और नापसंद को अहमियत देने के लिए भी किया जा रहा है. यह क्या है, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं. 

food divorce between partners

क्या होता है फूड डिवोर्स? Image Credit- Freepik or Shutterstock

रिश्तों में पार्टनर की पसंद को समझना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है. खासकर जब बात खाने की हो, तो एक ही घर में रहने वाले कपल्स की पसंद बिल्कुल अलग हो सकती है. कोई हेल्दी खाना पसंद करता है तो किसी को फास्ट फूड या मीठा खाना पसंद होता है. ऐसे में झगड़ा करने से अच्छा है एक दूसरे की पसंद के हिसाब से खाना खाने के बजाय इसका परमानेंट रहता तलाश करें. कुछ कपल्स एक नया तरीका भी अपना रहे हैं, जिसे फूड डिवोर्स कहा जा रहा है. यह क्या है और इसके कैसे अपनाया जा सकता है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं. 

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या होता है फूड डिवोर्स?

फूड डिवोर्स का मतलब पार्टनर को खाने को लेकर अपनी अपनी पसंद तय करना है. इसमें कपल्स जरूरी नहीं कि एक ही खाना खाएं. दोनों अपनी पसंद के अनुसार अलग अलग खाना चुन सकते हैं या घर में अलग अलग तरह का खाना बना सकते हैं. अगर एक पार्टनर वेजिटेरियन है और दूसरा नॉन वेज खाता है तो दोनों अपनी पसंद के हिसाब खाना कर सकते हैं. 

कपल्स क्यों अपना रहे हैं फूड डिवोर्स?

  • खाने की पसंद अलग होना- हर इंसान का टेस्ट और खाने की आदत अलग होता है. एक पार्टनर को तीखा खाना पसंद हो सकता है, जबकि दूसरा हल्का खाना पसंद करता है. फूड डिवोर्स ऐसी चीजों में बिना किसी दबाव के अपनी पसंद का खाना खाने की आजादी देता है. 
  • हेल्थ और डाइट का ध्यान- कई बार पार्टनर की डाइट भी अलग होती है. कोई वजन कम कर रहा होता है, कोई ज्यादा प्रोटीन लेना चाहता है या कोई अपने खानपान में चीनी और जंक फूड कम कर रहा होता है. ऐसे में दोनों के लिए एक जैसा खाना जरूरी नहीं रह जाता. 
  • खाने को लेकर होने वाली बहस कम करना- आज क्या खाओगे और तुम मेरी पसंद का खाना क्यों नहीं खाते हो? जैसी छोटी-छोटी बातें कई बार कपल्स के बीच स्ट्रेस पैदा कर सकती हैं. अपनी फूड प्रेफरेंस तय करने से इस तरह के कम हो सकते हैं. 

एक दूसरे की पसंद का ध्यान रखें 

फूड डिवोर्स का एक अहम पहलू यह भी है कि पार्टनर एक दूसरे की खाने की पसंद को बदलने की कोशिश करने के बजाय उसका सम्मान करते हैं. इससे रिश्ते में इंसान पसंद और स्पेस की समझ बेहतर हो सकती है. 

विज्ञापन

क्या हर कपल के लिए जरूरी है फूड डिवोर्स?

अगर दोनों पार्टनर्स को एक जैसा खाना पसंद है तो अलग अलग खाने की जरूरत नहीं. फूड डिवोर्स सिर्फ उन कपल्स के लिए एक ऑप्शन हो सकता है जिनकी फूड प्रेफरेंस, डाइट या खाने की आदतें काफी अलग हैं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ