हिंदू धर्म में नवरात्र पवित्र दिनों में से एक है, जिसमें हिंदू धर्म को मानने वाले लोग 9 दिनों तक व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं. व्रत के दौरान आमतौर लोग फलों का सेवन के साथ-साथ कुछ चीजें भी खाने के लिए बनाते हैं, जिसमें साबूदाना भी शामिल है. साबूदाना को लेकर कहा जाता है कि इसे खाने से शरीर में ताकत बनी रहती है, लेकिन साबूदाना मुश्किल का कारण तब बन जाती है, जब ये सुनने को मिले की मार्केट में नकली साबूदाना भी मिल रहा है. ऐसे में डर लगने लगता है कि कहीं व्रत में हम भी तो नकली साबूदाना तो नहीं खा रहे? आइए आपको इस स्टोरी में बताते हैं कि आप कैसे घर पर आसानी से चेक कर सकते हैं कि साबूदाना असली है या नकली.
क्यों जरूरी है साबूदाना की सही पहचान
अगर आप सोच रहे हैं कि साबूदाना की पहचान करना क्यों जरूरी है, ज्यादा से ज्यादा क्वालिटी कम होगी, तो बता दें कि ये आपकी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि मार्केट में बिक रहे नकली साबूदाने को बनाने में कैल्शियम सल्फ्यूरिक एसिड, सोडियम हाइपोक्लोराइट, ब्लीचिंग एजेंट, फॉस्फोरिक एसिड सहित कई केमिकल्स का इस्तेमाल होता है, जो सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है और पूरा त्योहार आपको परेशान रहना पड़ सकता है.
कैसे घर पर करें असली और नकली साबूदाने की पहचान?
अब सवाल उठता है कि आखिर हम कैसे घर पर आसानी से बिना ज्यादा मेहनत किए असली और नकली साबूदाना की पहचान कर सकते हैं, ताकि आप और परिवार स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे से सुरक्षा मिले और मिलावटी साबूदाने की बिक्री कम हो दूसरे लोग भी इसके खतरे से बच सकें.
चबाकर आप असली और नकली की साबूदाना की पहचान कर सकते हैं. असली की पहचान ये है कि वह चबाने पर चावल जैसा लग सकता है और दांतों पर चिपचिपा सा लग सकता है. वहीं नकली होगा होगा तो स्वाद अलग होगा और किरकिरा सा लगेगा.
इसके अलावा आप जला कर भी असली और नकली की पहचान कर सकते हैं. अगर जलाने पर साबूदाना मोटा हो जाए, तो वह असली है और अगर जलाने पर जल रहा है, तो वह नकली हो सकता है.
घर में रखे साबूदाना को एक गिलास पानी में डालें और देखें की उसमें क्या बदलाव दिखाई दे रहा है. असली की पहचान ये होगी कि जब उसे पानी में डाला जाएगा, तो उसे स्टार्च नजर आने लगेगा और वह लसलसा सो हो जाएगा. वहीं अगर साबूदाना नकली होगा, तो पानी वैसा ही रहेगा, जैसे पानी में डालते वक्त था.
अगर आपको नकली साबूदाना मिलता है, तो दुकानदार को इसकी खबर करें, ताकि बिक्री बंद हो और साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी इसकी सूचना दें. आपकी एक छोटी पहल कई लोगों को बड़ी समस्याओं का शिकार होने से बचा सकती है.
अस्वीकरण: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है.