Raksha Bandhan Traditions: जब भी हम रक्षाबंधन के बारे में सोचते हैं तो हमेशा भाई की कलाई पर राखी, थाली में सजी मिठाई और बहन को उपहार देने की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है. लेकिन, क्या आपको पता है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में भाई-बहन का ये पावन त्योहार अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में रक्षाबंधन किस-किस यूनिक तरीके से सेलिब्रेट किया जाता है.

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उत्तराखंड में सबसे पहले देवताओं को अर्पित होता है रक्षा सूत्र

उत्तराखंड जिसे देवभूमि भी बोला जाता है, वहां पर रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आराध्य देवताओं को रक्षा सूत्र अर्पित करके मनाया जाता है. इस दिन मंदिर के पंडित सबसे पहले देवताओं की पूजा करते हैं. यहां पर रक्षाबंधन का ये त्योहार पारिवारिक रिश्तों के साथ धार्मिक आस्था भी रखता है.

झारखंड-छत्तीसगढ़ में राखी का रिश्ता पूरे समाज से

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झारखंड-छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज में रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ भाई-बहन का नहीं होता है बल्कि पूरे समाज के लिए होता है. ये त्योहार आदिवासी समाज में रक्षा और भाईचारे की भावना को भी अहमियत देता है. यहां बहनें केवल अपने सगे भाई को ही नहीं, गांव के बुजुर्गों, युवाओं और पड़ोसियों को भी राखी बांधती हैं. ऐसा करने के पीछे ये भावना होती है कि पूरा समाज मिलकर हर बेटी की रक्षा करेगा.

राजस्थान में भाई के साथ पेड़ों को भी बांधते हैं राखी

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राजस्थान की कुछ जगहों पर बहनें अपने भाई के साथ-साथ पेड़ों को भी रक्षा सूत्र बांधती हैं और पेड़ों की सुरक्षा का संकल्प लेती हैं. रक्षाबंधन को इस अनोखे तरीके से मनाने का उद्देश्य जंगलों में होने वाली कटाई को रोकना होता है.

महाराष्ट्र में राखी के साथ होती है समुद्र की पूजा

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महाराष्ट्र में रक्षाबंधन के त्योहार को नारली पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन बहनें भाइयों को राखी बांधने के साथ-साथ समुद्र देवता की विशेष पूजा करती हैं. खासकर कोली मछुआरा समुदाय के लिए ये दिन बहुत खास होता है. इस दिन महिलाएं भाइयों को राखी बांधती हैं और समुद्र में नारियल अर्पित करती हैं.

उत्तर प्रदेश में जवानों और पुलिसकर्मियों तक पहुंचती है राखी

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उत्तर प्रदेश में कई जगह पर बहनें अपने भाइयों के अलावा सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों को भी राखी बांधती हैं. ये परंपरा देश और समाज की सुरक्षा करने वालों के प्रति सम्मान दिखाने के लिए मनाई जाती है.

ओडिशा में बैलों को बांधते हैं राखी

ओडिशा में रक्षाबंधन को गम्हा पूर्णिमा कहा जाता है. ये एक कृषि प्रधान राज्य है, इसी वजह से यहां पर रक्षाबंधन के दिन किसान खेती में मदद करने वाले बैलों को नहलाकर और सजाकर राखी बांधते हैं.

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