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Rajasthan के इस मंदिर में पूरी होती है प्रेमियों की मुराद!

Rajasthan: वैसे तो देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी मान्यताओं और अनोखी परंपराओं के कारण मशहूर हैं लेकिन राजस्थान के जोधपुर शहर में एक ऐसा मंदिर है जहां प्रेमियों का मेला लगता है। इस मंदिर में प्रेमी जोड़े मन्नत मांगते हैं और उनकी मुराद पूरी होती हैं। इस अनोखे मंदिर का नाम इश्किया […]

Ishqiya Ganesh Temple
Rajasthan: वैसे तो देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी मान्यताओं और अनोखी परंपराओं के कारण मशहूर हैं लेकिन राजस्थान के जोधपुर शहर में एक ऐसा मंदिर है जहां प्रेमियों का मेला लगता है। इस मंदिर में प्रेमी जोड़े मन्नत मांगते हैं और उनकी मुराद पूरी होती हैं। इस अनोखे मंदिर का नाम इश्किया गणेश मंदिर (Ishqiya Ganesh Temple) है। अन्य गणेश मंदिरों की तरह इस मंदिर में भी रोजाना पूजा होती है और बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं लेकिन यह अन्य मंदिरों से ज्यादा खास और लोकप्रिय है। यहां आने वाले अधिकतर भक्त प्रेमी-प्रेमिका होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि यहां आने वाले हर प्रेमी की मनोकामना पूरी होती है, कोई भी प्रेमी भक्त यहां से निराश नहीं होता है। इसलिए यह मंदिर प्रेमियों के लिए खास है और इसे इश्किया गणेश मंदिर कहा जाता है। आइए जानते हैं इस अनोखे मंदिर के बारे में खास बातें।

मनचाहा जीवनसाथी

मान्यताओं के अनुसार इश्किया गणेश मंदिर में माथा टेकने और सच्चे मन से पूजा करने से अविवाहित प्रेमियों का रिश्ते जल्दी हो जाता है और उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। प्रेमी जोड़े के अलावा हर उम्र के श्रद्धालु भी यहां अपनी मनोकामनाएं और गुहार लेकर आते हैं।

बुधवार को लगता है प्रेमियों का मेला

हर बुधवार को इस मंदिर में प्रेमियों का मेला लगता है और कई भक्त यहां शादी की मन्नत मांगने आते हैं। इसके अलावा कई भक्त विवाह का निमंत्रण देने और धन्यवाद देने भी आते हैं। यह मंदिर भगवान के दर्शन के लिए सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5:30 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है। बुधवार को आप रात 11 बजे तक यहां दर्शन कर सकते हैं। ये भी पढ़ें- Jyotirlinga: मध्य प्रदेश के इस मंदिर में रात को सोते हैं शिव-पार्वती, जानें क्या है रहस्य?

इसलिए पड़ा इश्किया गणेश मंदिर नाम

स्थानीय निवासियों के मुताबिक प्रेमी-प्रेमिका लोगों की नजरों से छिपकर इस मंदिर में मिलने आते थे ताकि वे किसी की नजर में न आएं क्योंकि यहां पहले लोगों की आवाजाही कम थी। समय के साथ- साथ यहां प्रेमी जोड़ों की भीड़ उमड़ने लगी। तभी से इसका नाम गुरु गणपति से इश्किया गणेश के नाम से प्रसिद्ध हो गया।


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