मुख्य बिंदु
- रेनकोट खास तौर से शरीर के ऊपरी हिस्से की सुरक्षा करता है, जबकि रेनगियर पूरे शरीर की सुरक्षा देता है.
- रेनगियर में आमतौर पर वॉटरप्रूफ जैकेट, ट्राउजर और सुरक्षा के लिए दूसरी चीजें शामिल होती हैं.
- कई विदेशी लोग रेनगियर पसंद करते हैं क्योंकि वहां अक्सर बारिश होती है और वो ज्यादातर वक्त बाहर बिताते हैं.
- बेहतर आराम के लिए प्रीमियम रेनगियर में ब्रीदेबल वॉटरप्रूफ फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है.
- सही ऑप्शन का सिलेक्शन मौसम, एक्टिविटीज और बारिश से हिफाजत की जरूरत के आधार पर किया जाता है.
Raincoat vs Raingear: दुनिया के कई हिस्सों में बारिश से बचाव जरूरी है, लेकिन रेनकोट, रेनगियर और रेनवेयर जैसे वर्ड्स में अक्सर कंफ्यूजन पैदा हो जाता है. हालांकि ये सभी लोगों को ड्राई रखने में मदद करते हैं, लेकिन इन्हें अलग-अलग कामों के लिए बनाया गया है. रेनकोट एक सिंगल वॉटरप्रूफ जैकेट होती है, जबकि रेनगियर एक ब्रॉड टर्म है जिसमें पूरी सुरक्षा देने वाले कपड़े शामिल होते हैं, जैसे वॉटरप्रूफ जैकेट, ट्राउजर, पोंचो, शू कवर, दस्ताने और दूसरी एक्सेसरीज.
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रेनकोट की जरूरत
रेनकोट का मकसद शरीर के ऊपरी हिस्से को बारिश से बचाना होता है. ये हल्का होता है, कहीं ले जाने में आसान होता है और रोजाना आने-जाने, टहलने या हल्की बारिश के लिए सही रहता है. ज्यादातर रेनकोट PVC, नायलॉन या पॉलिएस्टर जैसे वॉटरप्रूफ मटीरियल से बने होते हैं, जिन पर खास कोटिंग होती है. ये कोटिंग पानी को अंदर आने से रोकती है और साथ ही कुछ समय तक पहनने में आरामदायक भी रहती है.
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रेनगियर का मकसद
इसके उलट रेनगियर पूरे शरीर को पूरा प्रोटेक्शन देता है. एक स्टैंडर्ड रेनगियर सेट में आमतौर पर एक वॉटरप्रूफ जैकेट और उससे मेल खाते ट्राउजर होते हैं, जबकि प्रीमियम वर्जन में वॉटरप्रूफ बूट, दस्ताने और रिफ्लेक्टिव एलिमेंट भी हो सकते हैं. इसी वजह से मोटरसाइकिल चलाने वालों, ट्रेकर्स, साइकिल चलाने वालों, कंस्ट्रक्शन वर्करों और भारी बारिश में लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोगों के लिए रेनगियर एक पसंदीदा ऑप्शन है.
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विदेशों में रेनगियर पॉपुलर क्यों?
कई विदेशियों के फुल रेनवेयर या रेनगियर पसंद करने की एक बड़ा कारण कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे, जापान और न्यूजीलैंड जैसे देशों का मौसम है. इन इलाकों में अक्सर साल भर बारिश होती रहती है, इसलिए सिर्फ रेनकोट पहनने के बजाय पूरे शरीर के लिए वॉटरप्रूफ सेफ्टी ज्यादा प्रैक्टिकल होती है. इन देशों के लोग मौसम की परवाह किए बिना अपनी बाहरी एक्टिविटीज जारी रखते हैं.
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विदेशों में अलग हालात
बाहरी एक्टिविटीज भी एक बड़ा कारण हैं. कई पश्चिमी देशों में हाइकिंग, कैंपिंग, साइकिलिंग, मछली पकड़ना और पहाड़ों पर ट्रेकिंग पॉपुलर हैं. अच्छी क्वालिटी का रेनगियर लगातार बारिश, तेज हवाओं और बदलते मौसम का सामना करने के लिए बनाया जाता है, साथ ही ये हल्का और हवादार भी होता है. कई एडवांस्ड फैब्रिक पसीने को बाहर निकलने देते हैं और बारिश के पानी को अंदर आने से रोकते हैं.
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मॉडर्न रेनगियर के फायदे
मॉडर्न रेनगियर में एडजस्टेबल हुड, सील की हुई सिलाई, दिखने में आसानी के लिए रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप और वॉटरप्रूफ जिप जैसी सुविधाएं भी होती हैं. ये फैसिलिटी कंफर्ट और सेफ्टी को बेहतर बनाती हैं, खासकर जब इन्हें लंबे समय तक बाहर इस्तेमाल किया जाता है. ऐसी सुविधाएं आम रेनकोट में शायद ही कभी मिलती हैं.
जरूरत के हिसाब से करें चुनाव
जिन लोगों को सिर्फ शॉर्ट ट्रिप के दौरान सुरक्षा की जरूरत होती है, उनके लिए रेनकोट एक बजट फ्रेंडली और सुविधाजनक विकल्प है. हालांकि, जो लोग रेगुलर ट्रैवल करते हैं, टू-व्हीलर चलाते हैं या बाहरी एडवेंचर में हिस्सा लेते हैं, उन्हें आमतौर पर पूरे रेनगियर से ज्यादा फायदा होता है. सबसे अच्छा विकल्प मौसम, लाइफस्टाइल और सुरक्षा की जरूरत पर निर्भर करता है.
निष्कर्ष
रेनकोट और रेनगियर दोनों ही बारिश से बचाने में असरदार हैं, लेकिन इन्हें अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है. रोजाना आने-जाने और हल्की बारिश के लिए रेनकोट सबसे अच्छा है, जबकि भारी बारिश और बाहरी एक्टिविटीज के दौरान रेनगियर पूरे शरीर की हिफाजत करता है. यही वजह है कि जिन देशों में मौसम का कोई भरोसा नहीं होता, वहां के लोग पूरा रेनगियर पहनना पसंद करते हैं. इन दोनों में से किसी एक को चुनते वक्त सिर्फ कीमत के बजाय मौसम, सफर की आदतों, आराम, मजबूती और इस्तेमाल के मकसद जैसी बातों पर ध्यान देना चाहिए.