माता-पिता की इन 4 गलतियों से बच्चा बन जाता है जिद्दी, डॉक्टर ने कहा कभी ना करें ये पैरेंटिंग मिस्टेक्स

Parenting Mistakes: बच्चे अक्सर ही जरूरत से ज्यादा जिद्द करने लगते हैं. कभी बीच सड़क लेट जाते हैं तो कभी किसी चीज को पाने के लिए खाने-पीने से मना करने लगते हैं. ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि माता-पिता की कौन सी गलतियां बच्चे को जिद्दी बना देती हैं.

Stubborn Child

बच्चे को जिद्दी बनाती हैं पैरेंट्स की ये गलतियां.

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Parenting: परवरिश ऐसी चीज है जो सभी अलग-अलग तरह से करते हैं और इन तरीकों के परिणाम भी अलग-अलग निकलते हैं. कोई बच्चे को बहुत ज्यादा लाड़ करता है और कोई सख्ती बरतता है. ऐसे में पैरेंट्स कई बार यह समझ नहीं पाते कि उनकी ही कुछ गलतियां (Parenting Mistakes) उनके बच्चे को जिद्दी (Stubborn) बनाने लगती हैं. इसी बारे में बता रहे हैं डॉ. देवेन्द्र डांगर. अपने इंस्टाग्राम पर डॉक्टर ने इस वीडियो को शेयर करके बताया है कि पैरेंट्स को किन गलतियों को करने से परहेज करना चाहिए.

क्यों बन जाता है बच्चा जिद्दी

डॉक्टर बताते हैं कि पैरेंट्स को लगता है कि बच्चा ऐसा ही है लेकिन ज्यादातर गलती माता-पिता की ही होती है.

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बहुत ज्यादा कमांड देना – बच्चे को हर बात पर टोकना या यह कहना कि ये मत करो, वहां मत जाओ या अभी सुनो वगैरह बच्चे को प्रभावित करता है. बच्चे का दिमाग कंट्रोल के लिए तैयार नहीं होता इसलिए वो नेचुरली बात मानने से इंकार करता है.

अपनी बात पर टिके ना रहना – कभी किसी बात को मान जाना और कभी उसी बात के लिए डांटना इनकंसिस्टेंसी है. डॉक्टर कहते हैं कि बच्चे को अगर आप अपने मूड के हिसाब से चीजों के लिए हां और ना कहोगे तो वो और ज्यादा परेशान और कंफ्यूज हो जाएगा.

इमोशंस को इग्नोर करना – जब बच्चा दुखी होता है और हम सिर्फ बिहेवियर सुधारने की कोशिश करते हैं तो बच्चा सुनना बंद कर देता है.

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बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम – बच्चे को जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम देना यानी फोन में लगे रहने देना उसे जिद्दी बना सकता है. टीवी, आइपैड या मोबाइल बच्चे को स्क्रीन के पीछे की एक काल्पनिक दुनिया में डाल देते हैं. इससे बच्चे को नॉर्मल लाइफ बोरिंग और स्लो लगने लगती है.

जिद्दी बच्चे से कैसे करें डील

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  • बच्चे से बहस करने के बजाय उसकी बात सुनें.
  • बच्चे को डांटें नहीं बल्कि वह जिद्द क्यों कर रहा है यह समझने की कोशिश करें.
  • बच्चे को कमांड ना दें बल्कि ऑप्शन दें कि ऐसा नहीं तो वैसा करो.
  • शांत रहें और बच्चे पर चिल्लाएं नहीं.
  • बच्चे से इमोशनल कनेक्शन बनाने की कोशिश करें.

यह भी पढ़ें- बच्चों के गुस्से को शांत करने के लिए क्या करें? एक्सपर्ट ने बताया किस तरह टैंट्रम दिखा रहे बच्चे को करें हैंडल

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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