Hidden Beauty Of The Northeast: 21 जनवरी का दिन भारत के इतिहास में बेहद खास माना जाता है. इसी दिन 1972 में मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय ने भारत में पूर्ण राज्य का दर्जा पाया था. यह दिन सिर्फ राजनीतिक बदलाव का प्रतीक नहीं है, बल्कि पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान और लंबे संघर्ष की जीत का प्रतीक भी है. आइए जानते हैं इन राजों के इतिहास के बारे में और यहां की स्वर्ग जैसी खूबसूरत वादियों के बारे में..
आजादी के 25 साल बाद भारत में मिले ये खूबसूरत राज्य
मणिपुर पहले एक स्वतंत्र रियासत था, जिसे महाराजा बोधचंद्र सिंह ने भारत के साथ विलय किया. शुरुआत में यहां आंतरिक स्वायत्तता का वादा किया गया था, और 1948 में पहली बार वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव भी हुए. हालांकि 1949 में परिस्थितियां बदल गईं और मणिपुर को ‘भाग सी’ का दर्जा दिया गया. फिर, साल 1956 में यह केंद्र शासित प्रदेश बना और आखिर में, मणिपुर 21 जनवरी 1972 को एक पूर्ण राज्य बनकर उभरा.
आज मणिपुर अपने खूबसूरत संस्कृति और अपनी वादियों के लिए जाना जाता है. बड़ी संख्या में पर्यटक यहां इम्फाल के बाजार, लोई रैक झील आदि घूमने आते हैं. यहां की खूबसूरत संस्कृति पर्यटकों को बहुत पसंद आती है.
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त्रिपुरा
त्रिपुरा की कहानी भी राजशाही से जुड़ी है. महाराजा बीर बिक्रम की मौत के बाद रानी कंचन प्रभा देवी ने 1949 में भारत सरकार के साथ विलय का फैसला लिया. इसके बाद त्रिपुरा को भी ‘भाग सी’ में रखा गया और 1956 में यह केंद्र शासित प्रदेश बना. हालांकि, लंबे संघर्ष और उत्तर-पूर्वी पुनर्गठन अधिनियम 1971 के बाद 21 जनवरी 1972 को त्रिपुरा पूर्ण राज्य बन गया.
अब बात करते हैं यहां के टूरिज्म की, त्रिपुरा अपने राजसी इतिहास, पुराने मंदिरों और जनजातीय संस्कृति के लिए मशहूर है. हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां का भव्य नीरमहल, उनाकोटी की पुरानी मूर्तियां और माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (Mata Tripura Sundari Temple) को देखने के लिए आते हैं. यहां की खूबसूरत हरी-भरी वादियां, बांस के बने हस्तशिल्प और यहां के पारंपरिक फ्लॉक डांस इसे देखने लायक बनाते हैं.
मेघालय
मेघालय का गठन त्रिपुरा और मणिपुर से अलग हुआ था. रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां आंदोलन हुआ था, यह आंदोलन खासी, जयंतिया और गारो लोगों की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा था. 1969 में असम पुनर्गठन अधिनियम के तहत इसे स्वायत्त राज्य बनाया गया और 21 जनवरी 1972 को यह भारत का 21वां पूर्ण राज्य बना. शिलांग इसकी राजधानी बनकर शिक्षा और पर्यटन का केंद्र भी बन गया. आज मेघालय अपनी झरनों, गुफाओं और हरियाली के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है. अक्सर लोग चेरापूंजी की बारिश, डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज आदि यहां छिपी खूबसूरत वादियों को देखने के लिए आते हैं.
अक्सर लोग हील-स्टेशन का ट्रिप प्लान करके मनाली-कश्मीर आदि जाते हैं, लेकिन जो लोग एक बार भी पूर्वोत्तर भारत घूमने जाते हैं, वह वहां की छिपी खूबसूरती के दीवाने हो जाते हैं.
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