Belly Button Oiling: नाभि में तेल डालना एक आयुर्वेदिक प्रकिया है जिसके कई फायदे बताए जाते हैं. नाभि को आयुर्वेद में शरीर का केंद्र कहा जाता है और इसीलिए माना जाता है कि अगर नाभि में नेवल थेरैपी या नाभि चिकित्सा की जाए तो इससे शरीर को अंदरूनी और बाहरी दोनों तरह के फायदे मिलते हैं. ऐसे में नाभि में अलग-अलग तरह के तेल डाले जाते हैं, जैसे सरसों का तेल, नारियल का तेल, बादाम का तेल या फिर अरंडी का तेल. लेकिन, क्या नाभि में कलौंजी का तेल (Kalonji Oil) डाला जा सकता है? यहां जानिए नाभि में कलौंजी का तेल डालने पर क्या होता है.
नाभि में कलौंजी का तेल डालना
नाभि में कलौंजी का तेल डालने पर इसके कुछ फायदे मिल सकते हैं, जैसे इस तेल के एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर पर अच्छा असर दिखा सकते हैं. इस तेल से स्किन की इरिटेशन दूर हो सकती है और स्किन पर निखार आ सकता है.
कलौंजी का तेल (Kalonji Ka Tel) मॉइस्चराइजिंग गुणों के लिए भी खास होता है. ऐसे में कलौंजी के तेल से स्किन को हाइड्रेशन मिल सकता है. इससे नाभि की सफाई भी हो जाती है.
नाभि में कलौंजी का तेल डालने पर शरीर को रिलैक्स्ड महसूस हो सकता है. सर्कुलर मोशन में लगाने पर यह तेल नर्वस सिस्टम को शांत करता है.
नाभि में कैसे डालें कलौंजी का तेल
नाभि में कलौंजी का तेल डालने से पहले रूई से या किसी सॉफ्ट कपड़े से नाभि को साफ कर लें. कपड़े को हल्का गीला करके नाभि को साफ करें. जब नाभि साफ हो जाए तो इसमें कलौंजी के तेल को हल्का गर्म करके डालें. नाभि में 2-3 बूंदे ही कलौंजी का तेल डाला जा सकता है. आप उंगली से गोलाई में घुमाते हुए नाभि की मालिश भी कर सकते हैं.
नाभि में किसी भी तेल को डालने से पहले स्किन सेंसिटिव है या नहीं यह देख लें. अगर स्किन सेंसिटिव होगी तो एलर्जिक रिएक्शन का खतरा रहता है. इसीलिए नाभि में किसी भी तेल को डालने से पहले एक बार हाथ पर 1-2 बूंदे डालकर पैच टेस्ट कर लें कि आपको कलौंजी के तेल से एलर्जी नहीं है. कंफर्म होने के बाद ही इस तेल को नाभि में डालें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.