Mayonnaise Recipe: मोमो की लाल चटनी के साथ ही मेयोनेज़ खाने का अपना ही एक अलग मजा होता है. मेयोनेज़ को मोमो के अलावा, बर्गर और सैंडविच में भी डाला जाता है, साथ ही बच्चों को मां अक्सर परांठे में सब्जियों के साथ मेयोनेज़ मिलाकर भी खिला देती हैं. लेकिन, ये मेयोनेज़ आखिर बनता कैसे है और क्या ये सेहत के लिए हेल्दी होता है? आइए जानते हैं अंडे वाला और बिना अंडे वाला मेयोनेज़ (Eggless Mayonnaise) किस तरह बनाया जाता है. यहां आपके लिए मेयोनेज़ रेसिपी (Mayonnaise Recipe) के साथ-साथ सेहत पर इसके असर के बारे में भी बताया जा रहा है.
अंडे वाली मेयोनेज़ कैसे बनती है
अंडे वाली मेयोनेज़ (Original Mayonnaise) में वनस्पति तेल, अंडे की जर्दी यानी अंडे का पीला भाग, सिरका या नींबू का रस और स्वाद के लिए नमक, काली मिर्च और कई बार सरसों का पाउडर डाला जाता है. इन सभी चीजों को एकसाथ मिक्सर में घुमाकर या ब्लैंडर से ब्लेंड करके मेयोनेज़ तैयार की जाती है.
बिना अंडे वाली मेयोनेज़ कैसे बनती है
एगलेस मेयोनेज़ बनाने के लिए ठंडा दूध या क्रीम लिया जाता है. इसमें मैदा, राई या फिर व्यावसायिक स्टेबलाइजर डाला जाता है. इसके साथ ही रिफाइंड ऑयल या पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है.
मोमोज के साथ कौन सी मेयोनेज़ खाई जाती है
मोमो (Momos) के साथ दुकानदार अंडे वाली और बिना अंडे वाली शाकाहारी मेयोनेज़ (Veg Mayonnaise) दोनों रखते हैं और खाने के लिए देते हैं. छोटी दुकानों में या जहां ऑथेंटिक मोमो मिलते हैं वहां अंडे वाली मेयोनेज़ ज्यादा मिलती है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के स्टॉल्स पर बिना अंडे वाली मेयोनेज़ उपलब्ध होती है.
मेयोनेज़ खाने के क्या नुकसान हो सकते हैं
वजन बढ़ना – मेयोनेज़ में तेल की मात्रा ज्यादा होती है जिससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है.
सोडियम की मात्रा – मेयोनेज़ में अक्सर ही नमक की मात्रा ज्यादा होती है जिससे हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है. इससे दिल की दिक्कतें भी बढ़ती हैं.
प्रिजर्वेटिव्स और स्टेबलाइजर – बाजार से मेयोनेज़ लाई जाए तो इसमें प्रिजर्वेटिव्स और स्टेबलाइजर मिलाए जाते हैं. ऐसे में इन केमिकल्स का लंबे समय तक सेवन करने पर सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है.
साल्मोनेला का खतरा – कच्चे अंडे से बनी मेयोनेज़ खाई जाए तो इससे साल्मोनेला बैक्टीरिया का संक्रमण होने का खतरा रहता है.
लिवर पर दबाव पड़ता है – हाई सैचुरेटेड फैट्स होने के चलते मेयोनेज़ खाने पर शरीर में टॉक्सिंस बढ़ते हैं जिससे लिवर पर दबाव पड़ता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.