हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

पिता को बेटे के सामने कभी नहीं करने चाहिए ये 5 काम, लाडले की फ्यूचर रिलेशनशिप्स हो सकती हैं खराब

Parenting Mistakes: हर पिता यही चाहता है कि उसका बेटा मजबूत और खुशहाल व्यक्ति के रूप में बड़ा हो. लेकिन, पिता की कुछ छोटी-मोटी गलतियां बेटे के भविष्य को बनाने के बजाय बिगाड़ सकती हैं. इन गलितयों से बेटे का कैरेक्टर डिफाइन होता है और उसके भविष्य के रिश्तों पर बुरा असर पड़ता है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट का इस बारे में क्या कहना है.

विज्ञापन
पिता को बेटे की परवरिश में कभी नहीं करनी चाहिए ये गलतियां.

Father Son Relationship: पिता और बेटे का रिश्ता बेहद खास होता है. बेटा अपने पिता को अपना रोल मॉडल समझता है और पिता के ही नक्शे-कदम पर चलना चाहता है. लेकिन, पिता अक्सर ही बेटे की जिम्मेदारी उस तरह से नहीं लेना चाहते हैं जैसे उन्हें लेनी चाहिए. बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे देना या फिर उसकी परवरिश (Parenting) के लिए हर बेहतर चीज उसे देना ही काफी नहीं है बल्कि उसकी इमोशनल डेवलपमेंट पर ध्यान देना भी जरूरी है. ऐसे में पिता अक्सर ही जाने-अनजाने ऐसी कुछ गलतियां कर देते हैं जिनसे बेटे के फ्यूचर रिलेशनशिप्स पर असर पड़ता है. इसी बारे में बता रही हैं चाइल्ड साइकोलॉजी एक्सपर्ट श्वेता गांधी. जानिए वो कौन सी गलतियां हैं जो पिता को कभी नहीं करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें – बच्चे को प्ले स्कूल कितने साल की उम्र में भेजना चाहिए? डॉक्टर ने बताया क्यों और कब डे केयर भेजना है सही

पिता को कभी नहीं करने चाहिए ये 5 काम

बेटे को खुलने का मौका ना देना

विज्ञापन

अक्सर ही पिता अपने बेटे को सख्त बनाने के चक्कर में उसे खुलने का मौका नहीं देते, उसे उसकी बात रखने नहीं देते या उसे कमजोर नहीं होने देते. पिता सीधेतौर पर कह देते हैं कि लड़के रोते नहीं हैं. लेकिन, ऐसा करने पर आप उसकी ग्रोथ रोक रहे हैं. आपको अपने बेटे को स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ ही सॉफ्ट भी बनाना होगा तभी वह असल मायनों में एक खुश और संपन्न व्यक्ति बन पाएगा. बेटे को अपने सामने रोने दें, उसे उसकी बात रखने दें और उसे सुनें भी.

बच्चे के लिए इमोशनली अवेलेबल ना होना

विज्ञापन

एक्सपर्ट का कहना है कि पिता की सबसे बड़ी गलती होती है अपने बेटे के लिए इमोशनली प्रजेंट ना होना, इमोशनली अवेलेबल ना होना. पिता को अपने बेटे के लिए भावनात्मक रूप से हमेशा उसके पास होना चाहिए. बेटे को यह महसूस होना चाहिए कि अगर उसे कोई परेशानी है या उसके मन पर कोई बोझ है तो वह अपने पिता से बात कर सकता है. जो लड़का अपनी भावनाओं (Emotions) के बारे में खुलकर बात करना सीखता है वह एक आत्मविश्वासी और स्ट्रॉन्ग आदमी बनता है.

डिसिप्लिन के चक्कर में डर पैदा करना

विज्ञापन

पिता अक्सर ही अपने बेटे को डिसिप्लिन सिखाने के लिए उसपर चिल्लाने लगते हैं. लेकिन, आपको ऐसा नहीं करना है. बेटे पर चीखने या चिल्लाने से उसमें डर घर करने लगता है. पिता को अपने बेटे को बाउंडरीज सिखानी हैं लेकिन शांत होकर. आप उसे डराएंगे तो वह आज्ञाकारी बनेगा, लेकिन अगर आप उसे प्यार से समझाएंगे और बाउंडरीज के बारे में बताएंगे तो उसका कैरेक्टर बिल्ड होगा.

बेटे को समय ना देना

विज्ञापन

पिता की एक और बड़ी गलती यह है कि वे बेटे को अपना समय नहीं देते हैं और अगर समय देते भी हैं तो दूसरे कामों में डिस्ट्रैक्टेड रहते हैं. दिन के 20 मिनट बिना लैपटॉप, बिना फोन, वर्क प्रेशर और मेंटल लोड साइड में रखकर अपने बेटे के साथ बिताएं.

सम्मान करना ना सिखाना

विज्ञापन

बेटे को महिलाओं का सम्मान करना सिखाना जरूरी है. आपको यह थोपना नहीं है बल्कि यह करके दिखाना है, तभी आपका बेटा भी यह सीख सकेगा. पिता अपनी पत्नी, आस-पास की औरतों और खुद से बड़ों को जिस तरह से ट्रीट करते हैं बेटा भी वही सीखता है.

यह भी पढ़ें – Gentle Parenting: जेंटल पैरेंटिंग बच्चे के लिए किस-किस तरह से फायदेमंद हो सकती है, जानिए कैसे होती है यह परवरिश

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola