Weight Loss: यौगिक जीवनशैली में व्यक्ति ध्यान, योग, नियम, पर्यावरण को लेकर जागरूकता, शुद्ध भोजन और आध्यात्म को समझकर जीवन जीता है और इन गुणों को जीवन में उतार लेता है. इससे ना केवल मोटापा कम होता है बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है. इसी बारे में बताते हैं पतंजलि के एक्सपर्ट्स. योगगगुरु बाबा रामदेव खानपान, योग और आयुर्वेद से वजन कम करने की सलाह देते हैं. ऐसे में आप भी जानिए किस तरह यौगिक लाइफस्टाइल को आजमाकर और नेचुरल थेरैपीज की मदद लेकर मोटापे (Obesity) से छुटकारा पाया जा सकता है.
मोटापा कम करने के लिए यौगिक लाइफस्टाइल
यौगिक लाइफस्टाइल जीवनशैली का वह प्रकार है जिसमें योग, सात्विक भोजन और नैतिक मूल्यों को अपने डेली लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाया जाता है. इससे मन-मस्तिष्क और शरीर को फायदे मिलते हैं. यौगिक लाइफस्टाइल में योग के माध्यम से मोटापा कम करने और शरीर को स्वस्थ बनाने की कोशिश की जाती है. इसके साथ ही, प्राणायाम से आंतरिक शांति मिलती है और सही भोजन से शरीर शुद्ध होता है.
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मोटापा कम करने वाले यौगिक मैथड्स -
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- प्राणायाम
- शोधन क्रिया जैसे कपालभाति, कुंजल, नौली
- सूर्यनमस्कार
- सूक्ष्म व्यायाम
- योगासन जैसे ताड़ासन, कटिचक्रासन, पवनमुक्तासन, मत्यासन, हालासन, भुजंगासन, धनुरासन, उत्तन पादासन, पश्चिमोत्तासन और सर्वांगासन
- योग निद्रा
- ध्यान
सही खानपान से कम होगा वजन
बाबा रामदेव (Baba Ramdev) का कहना है कि खानपान में बदलाव करके वजन घटाया जा सकता है. बाबा रामदेव कहते हैं कि मोटापे से परेशान लोगों को जल उपवास जरूर करना चाहिए. जैन धर्म में, सनातन धर्म में और सभी परपंराओं में व्रत या उपवास करने का विधान है. 7 दिन में आपका 10 किलो तक वजन कम हो सकता है. पहले 3 दिन आपको जल उपवास करना है. इसके बाद आप धीरे-धीरे इंटरमिटेंट उपवास से आधा किलो वजन हर दिन कम कर सकते हैं.
लौकी और कच्चे फूड्स खाने पर भी वजन तेजी से कम होता है. बाबा रामदेव कहते हैं कि लौकी और रॉ फूड डाइट से मोटापा कम होता है, कॉलेस्ट्रोल कम होता है, हार्ट ब्लॉकेज खुल जाती है और चर्म रोग भी दूर रहते हैं. जिन लोगों को अक्सर ही बीमारियां अपनी चपेट में लेती हैं उन्हें खासतौर से इस डाइट को फॉलो करना चाहिए.
कुछ दिन कच्चा खाने के बाद उबली हुए सब्जियां खाई जा सकती हैं. इसके अलावा, रोजाना 2 से 3 टुकड़े सूखे मेवे के खाए जा सकते हैं. इसके अलावा, आम और केले के सेवन में सावधानी बरतें और इन्हें जरूरत से ज्यादा ना खाएं. इस तरह शरीर में कमजोरी भी नहीं आएगी और वजन भी कम होने लगेगा.
मोटापे के लिए नेचुरल थेरैपी - डाइट थेरैपी
मोटापा कम करने में खानपान की विशेष भूमिका होती है. पतंजलि वेलनेस सेंटर्स शरीर से टॉक्सिंस हटाने और मोटापा कम करने के लिए डाइट थेरैपी का सहारा लेते हैं. नैचुरोपैथी फूड से लोगों को परिचित करवाया जाता है. इसमें पके हुए खाने से ज्यादा कच्ची चीजों को खाने की सलाह दी जाती है. अगर आप पतंजलि वेलनेस सेंटर जाते हैं तो यहां आपको डाइट थेरैपी दी जाती है जिसमें आपको 80% कच्चा और 20% पका हुआ खाना दिया जाता है. इस डाइट को बेहतर सिंपल रखा जाता है और इसमें फल, सब्जियों और नेचुरल जूस को शामिल करते हैं. इससे शरीर अंदर से साफ भी होता है और शरीर को ऊर्जा भी मिलती है.
नैचुरोपैथी डाइट में लिक्विड्स में नींबू पानी, सिट्रिक जूस, टेंडर कोकोनट वॉटर, वेजीटेबल सूप, व्हीटग्रास जूस और छाछ वगैरह पीने के लिए दिए जाते हैं. सूदिंग डाइट में फल, सलाह, उबली हुई सब्जियां, अंकूरित सब्जियां और सब्जियों की चटनी वगैरह दी जाती हैं. उपवास की डाइट में फलों के जूस और खाने की कच्ची चीजें दी जाती हैं. इससे शरीर डिटॉक्स होता है, मोटापा कम होने में मदद मिलती है और बीमारियों की संभावना कम होती है सो अलग.
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