मसाले भारतीय खाने का एक अहम हिस्सा है, जिसे खाने को टेस्टी बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। ये मसाले ही हैं जो हर भारतीय घर की पहचान होती है। आपने अपनी दादी-नानी को मसालों की खुशबू, स्वाद और उसे लंबे समय तक सेफ रखने के लिए उन्हें भूनते हुए देखा होगा। ऐसा कहा जाता है कि मसाले भूनना खाना पकाने की एक जरूरी तकनीक है और इसे सावधानी से भूनने की जरूरत होती है। जब मसालों को भूना जाता है, तो मसालों से नेचुरल तेल निकलता है जो इसके स्वाद को बढ़ाता है, जिससे वे ज्यादा खुशबूदार बनते हैं। वहीं अगर इसे ठीक से न भुना जाए तो कड़वाहट आ सकती है। आइए जानते हैं कि इसके लिए आप किन-किन तरीकों को अपना सकते हैं?
भूनने के प्रकार
सूखा भूनना- इसमें मसालों को बिना तेल के सूखे पैन में गर्म किया जाता है। इस तरीके का इस्तेमाल आमतौर पर जीरा, धनिया और सरसों जैसे साबुत मसालों के लिए किया जाता है।
तेल में भूनना- इस विधि में मसालों को तेल या घी में भुना जाता है। ये विधि ज्यादातर भारतीय और मध्य पूर्वी खाना पकाने के लिए अपनाई जाती है। इस विधि में, हल्दी, पपरिका और गरम मसाला जैसे पिसे हुए मसालों को तेल में भूनकर सॉस और करी में मिलाया जाता है।
बिना जलाए मसाले भूनने के टिप्स और ट्रिक्स
सही हीट
मसाले इतने सॉफ्ट होते हैं कि वे जल्दी जल जाते हैं, इसलिए उन्हें धीमी से मध्यम आंच पर भूनना सबसे अच्छा ऑप्शन है। तेज आंच पर वे तुरंत जल सकते हैं, खासकर पिसे हुए मसाले। इसलिए ध्यान रखें कि इसे मध्यम आंच पर ही भूनें।
पैन में मसालों को डालने के बाद इसी करछी से लगातार चलाना जरूरी होता है। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मसाला एक समान रूप से पक रहा है। पिसे हुए मसालों को पैन में चलाते रहने के लिए लकड़ी के स्पैटुला का इस्तेमाल करें। इससे आपके मसाले जलने से बच सकते हैं।
मसालों के भूनने के बाद उन्हें तुरंत ठंडी प्लेट या कटोरी में निकाल लें। अगर आप उन्हें गरम तवे पर छोड़ देंगे तो वे पकते रहेंगे और जल भी सकते हैं। पीसने या स्टोर करने से पहले उन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें और इसके बाद ही स्टोर करें।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।