मुख्य बिंदु
- कच्चे चिकन को धोने से हार्मफुल बैक्टीरिया खत्म नहीं होते.
- पानी के छींटों से कीटाणु पूरी रसोई में फैल सकते हैं.
- चिकन को 75 डिग्री सेल्सियस के अंदरूनी तापमान तक पकाएं.
- क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचने के लिए कच्चे चिकन को खाने के लिए पके भोजन से अलग रखें.
- किचन की अच्छी साफ-सफाई ही खाने से होने वाली बीमारियों से सबसे अच्छा बचाव है.
Is It Safe to Cook Chicken Without Washing It: कुकिंग से पहले कच्चे चिकन को धोना किचन का एक बेहद जरूरी काम माना जाता रहा है. हम में ले ज्यादातर लोगों का मानना है कि मीट को धोने से नुकसानदेह कीटाणु निकल जाते हैं और इसे खाना ज्यादा सुरक्षित हो जाता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये आम आदत असल में बैक्टीरिया को खत्म करने के बजाय रसोई में फैलाने का खतरा बढ़ा सकती है.
क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
यूपी सरकार में कार्यरत डॉ. उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, बहते पानी के नीचे कच्चा चिकन धोना आम तौर पर जरूरी नहीं है. साल्मोनेला और कैम्पिलोबैक्टर जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पानी से नहीं धुलते. इसके बजाय, सिंक से पानी की छींटें इन बैक्टीरिया को किचन काउंटर, नल, बर्तन, कटिंग बोर्ड और आस-पास की खाने की चीजों तक पहुंचा सकते हैं. इस प्रॉसेस को ‘क्रॉस-कंटैमिनेशन’ (एक चीज से दूसरी चीज में इंफेक्शन फैलना) कहा जाता है, और इससे खाने से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
‘गलत तरीके से धोना खतरनाक’
डॉक्टर बताते हैं कि बहुत से लोग चिकन धोते रहते हैं क्योंकि ये पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है. हालांकि, मॉडर्न फूड सेफ्टी गाइडलाइंस इस आदत से बचने की सलाह देती हैं, जब तक कि मीट पर साफ तौर पर गंदगी न दिख रही हो. चिकन को धोने से वो खतरनाक माइक्रो ऑर्गेनिज्म्स से फ्री नहीं होता.
बरतें ऐसी सावधानियां
कुछ ऐसी हालात हैं जहां चिकन को थोड़ी देर के लिए धोना ठीक हो सकता है. अगर ताजे कटे या लोकल लेवल पर लाए गए पोल्ट्री में पंख, खून के थक्के या कोई और दिखाई देने वाली गंदगी हो, तो इन फिजिकल गंदगियों को हटाने के लिए इसे सावधानी से धोया जा सकता है. तब भी, पानी की छींटों को रोकने के लिए थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए, और उसके तुरंत बाद सिंक और आस-पास की सतहों को साफ और डिसइंफेक्ट करना चाहिए.
टेम्परेचर से खत्म होंगे कीटाणु
हानिकारक बैक्टीरिया को हटाने का सबसे सेफ तरीका चिकन को अच्छी तरह पकाना है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पोल्ट्री प्रोडक्ट को तब तक पकाना चाहिए जब तक कि उसके सबसे मोटे हिस्से का अंदरूनी तापमान 75 डिग्री सेल्सियस तक न पहुंच जाए. अगर आपके पास फूड थर्मामीटर नहीं है, तो एनश्योर करें कि मीट पूरी तरह से पक गया हो, उसमें कोई गुलाबी हिस्सा न बचा हो और उससे निकलने वाला जूस साफ हो.
किचन को करें क्लीन
किचन की साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी है. कच्चे चिकन को छूने के बाद हमेशा साबुन और पानी से हाथ धोएं, कच्चे मीट और खाने के लिए तैयार भोजन के लिए अलग-अलग चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें, और कच्चे पोल्ट्री के संपर्क में आने वाले सभी बर्तनों, चाकुओं और काउंटरटॉप को साफ करें.
फूड पॉइजनिंग से बचना जरूरी
डॉक्टर्स ये भी चेतावनी देते हैं कि कच्चे चिकन में बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया हो सकते हैं जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं. सेफ स्टोरेज, सावधानी से हैंडल कना, सही तरीके से पकाना और रसोई को साफ रखना इंफेक्शन के खतरे को कम करने और अपने परिवार को खाने से होने वाली बीमारियों से बचाने के सबसे असरदार तरीके हैं.
कच्चे चिकन के साथ क्या करें?
- खरीदारी करते वक्त डिस्पोजेबल बैग का यूज करें ताकि कच्चे चिकन का जूस दूसरे सामान पर न गिरे.
- कंटैमिनेशन से बचने के लिए चिकन को सीलपैक कंटेनर में रखकर फ्रिज के सबसे निचले शेल्फ पर रखें.
- कच्चे चिकन को तब तक न धोएं जब तक कि उस पर गंदगी, पंख या कोई कचरा न दिखे.
- कच्चे चिकन को छूने से पहले और बाद में कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोएं.
- अगर धोना जरूरी हो, तो पानी की धार धीमी रखें ताकि छींटे इधर उधर न उड़ें.
- धोने के तुरंत बाद सिंक, नल और आस-पास की जगहों को साफ और डिसइंफेक्ट करें.
- कच्चे चिकन के लिए अलग कटिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें.
- पके हुए खाने को कभी भी ऐसी जगह न रखें जहां पहले कच्चा चिकन रखा गया हो, जब तक कि उस जगह को अच्छी तरह साफ न कर लिया गया हो.
- कच्चे चिकन को तैयार करने के बाद बर्तन, डिश और काउंटरटॉप को गर्म साबुन वाले पानी से धोएं.
- चिकन को तब तक पकाएं जब तक उसका तापमान 75 डिग्री सेल्सियस न हो जाए या मांस का रंग गुलाबी न रह जाए.
निष्कर्ष
हालांकि कच्चे चिकन को धोना रसोई में लंबे समय से चली आ रही आदत है, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि आमतौर पर इसकी जरूरत नहीं होती और इससे हार्मफुल बैक्टीरिया फैलने का खतरा बढ़ सकता है. खाने से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए सही तरीके से पकाना, सुरक्षित रूप से स्टोर करना और किचन की अच्छी साफ-सफाई मेंटेन रखना कहीं ज्यादा असरदार है. क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचकर, अच्छी तरह हाथ धोकर, अलग बर्तनों का इस्तेमाल करके और ये एनश्योर करके कि चिकन पूरी तरह पक गया है, परिवार सेफ फूड का लुत्फ ले सकते हैं और दूषित चिकन से होने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन के खतरे को कम कर सकते हैं.
संबंधित खबरें
करवाचौथ पर हीरोइनों जैसी चमकेगी स्किन, इस तरह घर पर करें बॉडी पॉलिशिंग
3 hrs agoपुराने कंबलों को बेकार समझकर फेंकने की ना करें गलती, इस तरह करें इस्तेमाल
5 hrs agoनाश्ते में बनाकर खाएं स्वादिष्ट मुगलई परांठा, बार-बार बनाकर खाने लगेंगे
9 hrs agoकम बजट में घूमने की 4 जगहें, मनाली से गोकर्ण तक के विकल्प
23 hrs agoशरद पूर्णिमा के लिए ऐसे तैयार करें खीर, ठंडी होकर भी लगेगी स्वादिष्ट
1 day agoनशा नहीं, पोषण का खजाना है भांग के बीजों की चटनी! जानें इसे बनाने का तरीका
1 day agoघर के स्विच बोर्ड की सफाई भी है जरूरी, इन हैक्स से मिनटों में आएगी चमक
1 day agoतांबे-पीतल की सफाई के लिए घर पर ऐसे बनाएं पीतांबरी पाउडर
1 day agoदिवाली की शॉपिंग होगी आसान, दिल्ली के इस मार्केट में मिलेगा हर सामान
1 day agoमहंगी साड़ी में सेफ्टी पिन से हो गए हैं छेद? बिना सिलाई ऐसे करें ठीक
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines