पौधों को एक नहीं बल्कि कई फायदे दे सकता है एल्युमिनियम फॉइल, जानिए इस्तेमाल करने के स्मार्ट हैक्स

Aluminium Foil For Plants: क्या इस्तेमाल की हुई एल्युमिनियम फॉइल सिर्फ कूड़ेदान में फेंकने के लिए होती है? बिल्कुल नहीं. पुरानी Aluminium Foil गार्डनिंग में कई स्मार्ट तरीकों से इस्तेमाल की जा सकती है.

aluminium foil gardening hacks

ये आसान Gardening Hacks आपके पौधों की देखभाल को और भी आसान बना सकते हैं.

Aluminium Foil For Gardening: ज्यादातर लोग एल्युमिनियम फॉइल का इस्तेमाल करने के बाद उसे सीधा कूड़ेदान में फेंक देते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यही इस्तेमाल की हुई एल्युमिनियम फॉइल गार्डनिंग में बहुत मददगार साबित हो सकती है. ये पौधों के लिए खाद या जरूरी तत्वों का काम नहीं करती है पर फिर भी इसे कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे पौधों की देखभाल करना और भी आसान हो सकता है. अगर आपके घर में भी एल्युमिनियम फॉइल इस्तेमाल होती है और आप भी उसके यूज के बाद उसे फेंक देते हैं तो पहले जान लें ये 4 आसान से स्मार्ट तरीके जिनसे आप गार्डनिंग (Gardening) और पौधों की देखभाल को और भी आसान बना सकते हैं.

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पौधों में कैसे इस्तेमाल करें एल्युमिनियम फॉइल

पौधों में पानी डालने में आसानी

हैंगिंग बास्केट में लगे पौधे या फिर ऊंचाई पर लगे पोधों पर पानी देना काफी मुश्किल हो जाता है क्योंकि पानी डालते समय पानी बाहर गिर जाता है. इस समस्या से बचने के लिए इस्तेमाल की हुई एल्युमिनियम फॉयल लीजिए और उसे फनल (Funnel) के आकार में मोड़ लीजिए. फिर इसकी मदद से आप पौधों में पानी डाल सकते हैं. इससे पानी बाहर नहीं फैलेगा और सीधा मिट्टी में ही जाएगा.

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डार्क रंग के गमलों को ठंडा रखने में मदद

अक्सर गर्मीयों के मौसम में डार्क रंग के गमले सूरज की रौशनी को ट्रैप करके काफी गर्म हो जाते हैं जिसकी वजह से गमले की मिट्टी भी जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाती है. इस परेशानी से बचने के लिए इस्तेमाल की हुई एल्युमिनियम फॉयल को गमले के चारों ओर लपेट दें जिससे गमला जरूरत से ज्यादा गर्म नहीं होगा. इससे मिट्टी का तापमान नॉर्मल रहता है और पौधों की जड़ों को कोई नुकसान नहीं होता है.

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कीड़ों को भगाने में मदद

एल्युमिनियम फॉयल की चमक कीड़ों को दूर भगाने में काफी मदद करती है. इसलिए आप अगर अपने गार्डन में छोटे पौधों के आस-पास एल्युमिनियम फॉयल के टुकड़ों को बिछा देगें तो इसकी चमक की वजह से कीड़े पौधे के आसपास नहीं आएगें. ये ट्रिक हर तरह के कीड़ों पर असर नहीं करती लेकिन ज्यादातर कीड़ों पर करती है.

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पौधों तक धूप पहुंचाने के लिए

इंडोर प्लांट्स तक कभी-कभी सही मात्रा में लाइट नहीं पहुंच पाती जिसकी वजह से वो सूख जाते हैं. यहां तक कि कुछ पौधे जो बाहर भी लगे होते हैं उन्हें भी सही लाइट न मिलने की वजह से वो मुरझा जाते हैं. इस परेशानी से बचने के लिए पौधे के पीछे या फिर उसके नीचे इस्तेमाल की हुई एल्युमिनियम फॉयल लगा दीजिए जिससे आने वाली लाइट रिफ्लेक्ट (Reflect) होकर सीधे पौधे पर जाएगी. इससे पौधे को सही मात्रा में लाइट मिल पाएगी.

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किसी भी चीज को फेंकने से पहले हमेशा यह देख लेना चाहिए कि क्या हम उसे कही और यूज कर सकते हैं, जैसे एल्युमिनियम फॉयल किसी भी काम का न होने के बावजूद भी गार्डनिंग और पौधों की देखभाल के लिए एक बहुत अच्छा विकल्प है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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