हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

बालकनी में रुद्राक्ष का पौधा कैसे लगाएं? जानिए सावन में देखभाल के सही तरीके

Rudraksha Plant Ka Khayal Kaise Rakhe: सावन के महीने में रुद्राक्ष का पौधा लगाना धार्मिक आस्था के साथ-साथ हरियाली बढ़ाने का भी अच्छा तरीका है. अगर आप इसे बालकनी में लगा रहे हैं तो इस तरह ख्याल रखें. 

विज्ञापन
बालकनी में रुद्राक्ष का पौधा कैसे लगाएं? Image Credit. News24

Rudraksha Plant Care: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए बेहद खास माना जाता है. रुद्राक्ष का रिलेशन वैसे ही भगवान शिव से माना जाता है, इसलिए कई लोग इस पवित्र महीने में अपने घर पर रुद्राक्ष का पौधा लगाने की इच्छा रखते हैं. अगर आपके पास बड़ा बगीचा नहीं है तो भी आप इसे अपनी बालकनी में बड़े गमले में आसानी से उगा सकते हैं. हालांकि, रुद्राक्ष का पौधा धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए इसकी सही देखभाल करना जरूरी होता है. आप इस लेख में बताए गए टिप्स को मदद से पौधे का ख्याल रख सकते हैं. 

इसे भी पढ़ें- Friendship Day: दोस्तों के साथ घूमने के लिए दिल्ली की ये जगहें हैं सबसे मशहूर, इस वीकेंड जरूर करें एक्सप्लोर

बालकनी में रुद्राक्ष का पौधा कैसे लगाएं? | Rudraksha Plant Caring Tips 

सही गमले का चुनाव करें

रुद्राक्ष का पौधा गहरी जड़ें बनाता है, इसलिए शुरुआत से ही कम से कम 18 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें. गमले में पानी निकलने के लिए छेद का भी ख्याल रखें. 

विज्ञापन

मिट्टी तैयार करें

रुद्राक्ष के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी सबसे अच्छी रहती है जो पानी रोककर न रखे. इसके लिए आप 40% बगीचे की मिट्टी, 30% गोबर की सड़ी हुई खाद या कम्पोस्ट और 20% रेत का इस्तेमाल करें. 

पौधा लगाने का तरीका

सबसे पहले गमले में थोड़ी मिट्टी भरें. फिर पौधे को पॉलीबैग से सावधानी से निकालें.अब जड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना बीच में लगाएं. ऊपर से मिट्टी भरकर हल्के हाथों से दबा दें और लगातार पानी दें.

विज्ञापन

सावन में रुद्राक्ष के पौधे की देखभाल कैसे करें?

  • रुद्राक्ष के पौधे को रोजाना 4 से 6 घंटे हल्की धूप मिलनी चाहिए. तेज दोपहर की धूप से बचाना बेहतर होता है. 
  • सावन में बारिश की वजह से मिट्टी पहले से नम रहती है. ऐसे में तभी पानी दें जब ऊपर की मिट्टी सूखी महसूस हो और ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. 
  • हर 30 से 45 दिन में गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट या ऑर्गेनिक खाद डालें. इससे पौधे की बढ़वार अच्छी होती है.
  • बारिश के मौसम में यह कोशिश करें कि गमले में पानी जमा न रहे. पानी ज्यादा है तो निकलता रहे, वरना पौधा खराब हो सकता है.

इसे भी पढ़ें- बचे हुए चावल से बनाएं कुरकुरे कटलेट, बारिश की शाम में चाय का स्वाद हो जाएगा शानदार

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola