गणेश उत्सव के दौरान बप्पा के स्वागत से लेकर उनके भोग तक, हर चीज का अपना खास महत्व होता है. इस मौके पर भगवान गणेश को उनके पसंदीदा मोदक का भोग लगाने की परंपरा है. महाराष्ट्र में गणेश उत्सव के दौरान खासतौर पर उकडीचे मोदक यानी स्टीम मोदक बनाए जाते हैं. चावल के आटे से तैयार होने वाले ये मोदक बाहर से मुलायम और अंदर से गुड़-नारियल की मिठास से भरपूर होते हैं. अगर आप भी इस गणेश उत्सव पर घर में बप्पा के लिए महाराष्ट्र के पारंपरिक स्टीम मोदक बनाना चाहते हैं तो इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं.
इसे भी पढ़ें- बार-बार मांजने के बाद भी कप पर लगे रह गए हैं चाय के दाग, तो इन ट्रिक्स से करके देखें साफ
स्टीम मोदक की रेसिपी
सामग्री
- मोदक के कवर के लिए
- चावल का आटा- 1 कप
- पानी- 1 कप
- घी- 1 चम्मच
- नमक- चुटकी भर
- स्टफिंग के लिए
- कद्दूकस किया हुआ नारियल- 1 कप
- गुड़- आधा कप
- इलायची पाउडर- आधा चम्मच
- जायफल पाउडर- 1 चम्मच
विधि
- सबसे पहले एक पैन में कद्दूकस किया हुआ नारियल और गुड़ डालकर हल्की आंच पर पकाएं. गुड़ पिघलने लगे तो दोनों चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. इसमें इलायची और जायफल पाउडर डालें.
- मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक यह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए. ध्यान रखें कि स्टफिंग बहुत ज्यादा गीली न हो. गैस बंद करके इसे ठंडा होने दें. एक पैन में पानी, घी और चुटकी भर नमक डालकर उबालें.
- पानी में उबाल आने पर गैस हल्की करें और धीरे-धीरे चावल का आटा डालते हुए लगातार चलाएं. आटा पानी को सोखने लगे तो गैस बंद कर दें और पैन को कुछ मिनट के लिए ढक दें.
- जब मिश्रण हल्का गर्म रह जाए तो हाथों पर थोड़ा घी लगाकर इसे अच्छी तरह गूंथ लें आटा मुलायम होना चाहिए, ताकि मोदक आसानी से आकार ले सके.
- आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं. एक लोई को हथेली या उंगलियों की मदद से कटोरी जैसा शेप दें. इसके बीच में नारियल और गुड़ की तैयार स्टफिंग रखें. अब किनारों को हल्के हाथों से मोड़ते हुए पंखुड़ियों जैसा शेप दें और ऊपर से बंद कर दें.
- इसी तरह बाकी मोदक तैयार कर लें. अब मोदक को स्टीमर या इडली के बर्तन में रखें. इन्हें लगभग 10-15 मिनट तक स्टीम करें. मोदक पकने के बाद चावल के आटे की लेयर हल्की चमकदार और मुलायम दिखाई देने लगेगी.
- स्टीम होने के बाद मोदक पर थोड़ा घी लगाया जा सकता है. अब इन्हें बप्पा को भोग में अर्पित करें और पूरे परिवार को सर्व करें.