दिवाली खुशियों, रोशनी और उत्साह का त्योहार है. इस दिन लोग घरों को डेकोरेट करते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और पटाखों के साथ त्योहार का लुत्फ उठाते हैं. हालांकि, पटाखों से निकलने वाला धुआं और हवा में मौजूद प्रदूषण हेल्थ के लिए काफी नुकसानदायक होता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा के मरीजों और सांस के मरीज आदि लोगों के लिए यह धुआं किसी जहर से कम नहीं है. अगर धुआं ज्यादा है तो ये आंखों में जलन, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है. ऐसे में दिवाली की खुशियों के बीच अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि पटाखों के धुएं से आंखों और फेफड़ों को साफ रखने के लिए इस लेख में बताए गए टिप्स को फॉलो करें.
पटाखों के धुएं से दूरी बनाएं
दिवाली पर पटाखे जलाने के दौरान धुआं आस-पास फैल जाता है. ऐसे में कोशिश करें कि परिवार के सदस्य, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, पटाखे जलाने वाली जगह से दूर रहें. पटाखे ऐसी जगह पर जलाने की कोशिश करें, जहां से धुआं आसानी से निकल जाए. बाकी दिवाली के दौरान घर से बाहर कम निकलें, ताकि प्रदूषण से भी बचा जा सके.
आंखों का कैसे रखें ख्याल?
पटाखों से निकलने वाला धुआं आंखों में जलन पैदा कर सकता है. इस धुएं से आंखों में लाल होना, पानी आना, खुजली और चुभन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि, इससे बचने के लिए आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं, जिससे इस परेशानी से बचा जा सके.
- पटाखे जलाते वक्त दूरी बनाएं और आंखों को धुएं से बिल्कुल दूर रखें.
- आंखों में जलन होने पर उन्हें रगड़ने से बचें और अगर ज्यादा दिक्कत है तो डॉक्टर से बात करें.
- आंखों में धूल या राख चली जाए तो साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं और साफ कपड़े से साफ कर लें.
- आंखों में तेज दर्द, धुंधला दिखाई देने या लगातार जलन होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करें.
घर की हवा को कैसे रखें साफ?
अगर बाहर पटाखों का धुआं ज्यादा है तो घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखना बेहतर हो सकता है. इससे बाहर की गंदी हवा घर के अंदर नहीं आ पाएगी. हवा को साफ रखने के लिए आप HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि इससे कमरे में गंदी हवा अंदर नहीं आ पाएगी.
सांस के मरीज कैसे रखें अपना ख्याल
पटाखों का धुआं सांस की नलियों में जलन पैदा कर सकता है. कुछ लोगों में इससे खांसी, सीने में जकड़न, सांस फूलने या घरघराहट की समस्या बढ़ सकती है. बाकी अस्थमा या दूसरी सांस संबंधी मरीज भी अपना खास ख्याल रखें.
क्या करें?
- ख्याल रखने के लिए धुएं वाली जगहों पर जाने से बचें और अगर जा रहे हैं तो मास्क पहनकर जाएं.
- अस्थमा के मरीज डॉक्टर के हिसाब से अपनी दवाएं और रिलीवर इनहेलर का इस्तेमाल करें.
- अगर सांस लेने में गंभीर परेशानी हो, बोलने में कठिनाई हो या सीने में तेज दर्द महसूस हो तो एक बार डॉक्टर से जरूर बात करें.
पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखना है जरूरी
दिवाली के दौरान पानी पीना फायदेमंद हो सकता है. पानी शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है, लेकिन पानी पीने से पटाखों के धुएं का असर खत्म नहीं होता और न ही यह फेफड़ों से साफ करने का काम करता है. इसके साथ, आप बैलेंस डाइट और धुएं से अपना ख्याल रख सकते हैं.
प्रदूषण के लेवल पर नजर रखें
दिवाली के दौरान अपने इलाके के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर नजर रखना भी जरूरी है. AQI से आपको पता चल जाएगा कि हवा की क्वालिटी कैसी है और बाहर निकलने से कितना खतरा हो सकता है. बाकी प्रदूषण की जानकारी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है.
पटाखों के धुएं से परेशानी होने पर क्या करें?
- अगर पटाखों के धुएं के संपर्क में आने के बाद आंखों में जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी होती है तो सबसे पहले धुएं वाली जगह से दूर होकर घर के अंदर चले जाएं.
- आंखों में जलन होने पर साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं और सांस की परेशानी होने पर आराम करें और अपने डॉक्टर से जरूर करें.
- अगर आपको धुएं से ज्यादा दिक्कत है या सांस नहीं आ रही है तो डॉक्टर से बात करें.
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