केले के छिलकों से इस तरह बनाएं पौधों के लिए लिक्विड फर्टिलाइजर, घने और हरे-भरे दिखेंगे प्लांट्स

Banana Peel Water Fertilizer: पौधों को बढ़ाने के लिए और घना बनाने के लिए घर पर ही खाद तैयार की जा सकती है. खासतौर से लिक्विड फर्टिलाइजर बनाना हो तो केले के छिलकों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

Banana Peels Fertilizer

केले के छिलकों से कैसे बनता है वॉटर फर्टिलाइजर. AI Generated Image

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Banana Peels Fertilizer: घर में गार्डनिंग करने का शौक रखते हैं तो पौधों को नेचुरल फर्टिलाइजर देने की भी सोचते होंगे. लेकिन, सिर्फ फलों या सब्जियों के छिलके और बची हुई चायपत्ती डालने तक ही सीमित ना रहें. आप घर पर यहां बताया लिक्विड फर्टिलाइजर (Liquid Fertilizer) भी बना सकते हैं. केले के छिलकों से बनने वाले इस लिक्विड फर्टिलाइजर को खासतौर से टमाटर और मिर्च के पौधों में डालने पर फायदा मिलता है. यहां जानिए किस तरह तैयार किया जा सकता है यह लिक्विड फर्टिलाइजर.

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कैसे बनाएं केले कि छिलके से लिक्विड फर्टिलाइजर

एक कांच का जार लेकर उसमें पानी डालें और उसमें एक केले के छिलके को डाल दें. अगर ऑर्गेनिक केले का छिलका होगा तो इसमें कोई पेस्टिसाइड भी नहीं होगा. इस मिश्रण को 2 दिनों के लिए सेट होने के लिए रख दें.

2 से 3 दिनों तक कमरे के तापमान पर इस जार को रखे रहने दें. इसके बाद केले का छिलका जार से निकालकर फेंक दें.

इस तैयार किए गए लिक्विड फर्टिलाइजर को पौधों पर डालने के लिए इस्तेमाल करें. हफ्ते में एक बार पौधे में यह लिक्विड फर्टिलाइजर डाला जा सकता है.

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ये ऑर्गेनिक खाद भी बना सकते हैं आप

चायपत्ती – पानी में चायपत्ती को एक से दो दिनों तक भिगोक रखें और इसके बाद इसे पौधे में डालें. चायपत्ती में पौधों को पोषण भी देती है और फंगस लगने से भी बचाती है.

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अंडे के छिलके – अंडे के छिलके यानी एगशेल्स (Eggshells) में 93% कैल्शियम कार्बोनेट होता है. इसे 10 मिनट तक तेज आंच पर पकाएं और फिर पीसकर पौधों की मिट्टी में डालें. एक गमले में एक चम्मच भरकर यह पाउडर डालें या फिर पानी में मिलाकर एक हफ्ते तक रखें और फिर पौधों में लिक्विड फर्टिलाइजर की तरह छिड़कें.

प्याज का छिलका – प्याज के छिलके में नेचुरल एंटीफंगल कंपाउंड होते हैं. इनमें फॉस्फोरस और कैल्शियम की भी भरपूर मात्रा होती है जो पौधों को सड़न से बचाती है. एक मुट्ठीभर प्याज के छिलकों को 2 लीटर पानी में डालकर 10 पकाएं. अब आंच बंद करके ठंडा करने के लिए रखें. हर 2 से 3 हफ्तों में एक बार इस पानी को पौधों में डाला जा सकता है.

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चावल का पानी – खाना पकाने के बाद चावल, दाल या सब्जियों के पानी को पौधों में डालने के लिए रखा जा सकता है. इस पानी को ठंडा करके ही पौधों में डालें. यह पानी मिट्टी के अच्छे बैक्टीरिया को फायदा देता है.

अपना फर्टिलाइजर बनाने के फायदे

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घर पर बने फर्टिलाइजर रसोई की ही खराब चीजों से बनाए जा सकते हैं और अलग से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती है. ये फर्टिलाइजर केमिकल फ्री होते हैं और बेहद इफेक्टिव भी होते हैं.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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