- टमाटर के पौधों में खाद डालने से पत्तियों और तनों की ग्रोथ हो सकती है, लेकिन फूल और फल कम आ सकते हैं.
- गोबर की खाद को सीधे पौधे में डालने से बचें और इसे सुखाकर और कम्पोस्ट मिलाकर इस्तेमाल करें.
- टमाटर के पौधों को नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है, इसलिए सिर्फ एक ही प्रकार की खाद का बार-बार इस्तेमाल न करें.
घर की छत, बालकनी या गार्डन में टमाटर उगाना कई लोगों को पसंद होता है. टमाटर न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाने का काम करते हैं, बल्कि किचन में इस्तेमाल भी कर लिए जाते हैं. हालांकि, पौधे लगाने के बाद देखभाल की काफी जरूरत होती है, लेकिन इसके बावजूद कई बार पौधे की पत्तियां तो खूब बढ़ती हैं, लेकिन फूल और फल कम आते हैं. इसकी एक वजह खाद का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है. टमाटर के पौधों को अच्छी ग्रोथ और भरपूर फल देने के लिए सही पोषण, धूप, पानी और मिट्टी की मात्रा की जरूरत होती है. इसलिए आप मिट्टी में खाद डालते वक्त कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें.
खाद का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा न करें
टमाटर के पौधों में ज्यादा खाद डालने से ज्यादा फल आएं, ये जरूरी नहीं है जैसे नाइट्रोजन से भरपूर खाद का ज्यादा इस्तेमाल करने से सिर्फ पत्तियां तेजी से बढ़ सकती हैं. इसलिए खाद पौधे और मिट्टी की जरूरत के हिसाब से करें.
गोबर की खाद का इस्तेमाल कैसे करें?
गोबर की खाद सीधे तौर पर पौधे में न डालें और अगर खाद फ्रेश है तो यह मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए गोबर को थोड़ा सुखाकर इस्तेमाल करें और इसमें कम्पोस्ट को भी मिला दें. इससे मिट्टी को सही पोषण तत्व मिल सकते हैं, जिसे मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं और तने से थोड़ा दूर रखें. वहीं, जरूरत से ज्यादा खाद का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे मिट्टी का पोषण खत्म हो जाएगा.
सिर्फ एक ही तरह की खाद न डालें
टमाटर के पौधों को नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम से भरपूर कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है. सिर्फ एक ही खाद बार-बार डालने से मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ सकता है. इसलिए अच्छी क्वालिटी वाली कम्पोस्ट और टमाटर के लिए संतुलित खाद का इस्तेमाल करें. जरूरत पड़ने पर मिट्टी का टेस्ट जरूर कर लें और उसी हिसाब से खाद में चीजें मिलाएं.
सूखी मिट्टी में खाद डालने से बचें
बहुत सूखी मिट्टी में खाद डालने से जड़ों पर असर पड़ सकता है, खासकर जब खाद की मात्रा ज्यादा हो. खाद डालने से पहले मिट्टी की नमी चेक करें और जरूरत हो तो हल्का पानी दें. खाद के पैकेट पर दिए नियम का पालन करें और खाद डालने के बाद भी पौधे में पानी भरकर न रखें, क्योंकि इससे भी जड़ें खराब हो सकती हैं. आप मिट्टी में पानी इतना डालें, जिससे उसमें नमी पैदा हो जाए.
घर पर खाद कैसे बनाएं?
आप घर पर भी खाद तैयार कर सकते हैं, जिसके लिए इस्तेमाल की हुई चायपत्ती बचाकर रखनी होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि जब यह अच्छी तरह सड़कर मिट्टी में मिलती है तो मिट्टी में कार्बनिक बढ़ाने में मदद कर सकती है. इससे मिट्टी बेहतर होती है और पौधे की जड़ों को पोषक तत्व दिलाने में मदद मिल सकती है.
चायपत्ती से खाद बनाने का तरीका
- चाय बनाने के बाद बची चायपत्ती को अलग कर लें. अगर इसमें दूध और चीनी मिली हुई है तो इसे सीधे पौधे में डालने से बचें. चायपत्ती को पानी से अच्छी तरह धोकर दूध और चीनी के निकाल दें.
- धुली हुई चायपत्ती को किसी प्लेट या अखबार पर पतली परत में फैला दें. इसे अच्छी तरह सूखने दें और गीली चायपत्ती को सीधे गमले में डालने से मिट्टी में फफूंद की समस्या हो सकती है.
- जब चायपत्ती पूरी तरह सूख जाए तो इसे थोड़ी मात्रा में टमाटर के गमले की ऊपरी मिट्टी में मिला सकते हैं. बहुत ज्यादा चायपत्ती एक साथ डालने के बजाय कम मात्रा से शुरुआत करें.
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