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पीले-गुलाबी फूलों से भर जाएगी बालकनी, इस तरह घर पर लगाएं गुलदाउदी का पौधा

How To Grow Guldaudi: बगीचे या बालकनी में गुलदाउदी का पौधा लगाना है तो यहां जान लीजिए आसान तरीका. इस तरह घर पर ही आप खिले-खिले गुलदाउदी के फूल उगा सकते हैं. पौधे को घना बनाने के टिप्स भी यहां दिए गए हैं.

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पीले-गुलाबी फूलों से भर जाएगी बालकनी, इस तरह घर पर लगाएं गुलदाउदी का पौधा
गुलदाउदी का पौधा कैसे लगाएं, जानिए यहां. AI Generated Image

Guldaudi Flower At Home: गुलदाउदी का पौधा फूलों से लदने वाला पौधा है जिसपर गुलाबी, लाल या पीले रंग के फूल आते हैं. यह फूल खिलते हैं तो पूरे गार्डन पर अपनी खूबसूरती बिखेर देते हैं. सितंबर का महीना गुलदाउदी के फूल लगाने का सबसे अच्छा महीना होता है. इस महीने में इसके बीज लगाए जाएं तो अक्टूबर से दिसंबर तक ये फूल खिले-खिले रहते हैं. यहां जानिए बीज से कैसे लगाएं गुलदाउदी का पौधा (Guldaudi Plant) और कैसे करें इसकी देखभाल.

यह भी पढ़ें – घर पर लगाना है नीम का पौधा तो यहां जान लीजिए सही तरीका, ऐसे तैयार करें मिट्टी, पानी डालें इस तरह

कैसे लगाएं गुलदाउदी का पौधा

गुलदाउदी के पौधे के लिए वर्मिकम्पोस्ट, कोकोपीट और रेत को बराबर मात्रा में लेकर सॉइल मिक्स तैयार किया जाता है. सबसे पहले मिट्टी के ऊपर हल्के हाथों से दबाकर गुलदाउदी के बीजों को डाल दें. इसके ऊपर मिट्टी की एक बेहद पतली परत डालें. अब पानी को स्प्रे करें. ध्यान रहे कि बीजों पर इतना पानी ना डाला जाए कि बीज बह जाएं. बीज डाले गए कंटेनर या गमले को प्लास्टिक रैप से ढक दें जिससे मॉइस्चर अंदर ही रहे. इस गमले को आप इंडायरेक्ट सनलाइट में रख सकते हैं. जब बीच अंकुरित हो जाएं और पौधा बढ़ने लगें तो पौधे को खुली धूप लगाई जा सकती है.

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इस बात का ध्यान रखें कि जब पौधा बढ़ने लगे तो इसे बड़े गमले में डाल दिया जाए. 3 से 4 पत्तियां आने के बाद ही इस पौधे को ट्रांसफर किया जा सकता है.

गुलदाउदी के पौधे में कैसे डालें पानी

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गुलदाउदी के पौधे को रोजाना पानी देने की जरूरत होती है. जब पौधे के ऊपर 2 इंच तक मिट्टी सूख जाए तो इसमें पानी दिया जाता है.

गुलदाउदी को कितनी धूप चाहिए होती है

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गुलदाउदी के पौधे को खिली हुई सूरज की धूप चाहिए होती है. जहां भी पौधे को पूरी रोशनी मिले इसे वहीं रखें. इस तरह पौधा प्राकृतिक रूप से बढ़ने लगता है. इसीलिए गुलदाउदी को इंडोर नहीं बल्कि आउटडोर लगाया जाता है.

इस तरह आएंगे ज्यादा फूल

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गुलदाउदी के पौधे में ज्यादा बीज आएं इसके लिए पिंचिंग की मदद ली जा सकती है. इसमें पौधे के ऊपर के हिस्से को उंगलियों की मदद से तोड़कर अलग किया जाता है. इससे पौधा और ज्यादा घना और खिला-खिला बढ़ने लगता है. हर 10 से 15 दिनों में गुलदाउदी की पिंचिंग की जा सकती है.

पौधा बेहतर तरह से बढ़े इसके लिए इसमें ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है. जब पौधा 35 से 40 दिनों का हो जाए तो इसमें ऑर्गेनिक खाद डाली जा सकती है. ऑर्गेनिक खाद के लिए गोबल के उपलों की राख और वर्कीकम्पोस्ट को मिक्स करके पौधे में डाला जा सकता है.

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पौधे को कीड़ों से कैसे बचाएं

पौधे के पत्तों पर सफेद कीड़े लग सकते हैं. इन कीडो़ं को दूर रखने के लिए लिक्विड सोप को पानी में मिलाकर समय-समय पर पौधे पर स्प्रे किया जा सकता है. इससे सफेद मिलीबग पौधे से दूर रहते हैं.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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