School For Child: बच्चे की जिंदगी के लिए लिये गए सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक है बच्चे के लिए सही स्कूल का चुनाव करना. बच्चे का स्कूल ही उसके वर्तमान और भविष्य की नींव होता है. अगर स्कूल अच्छा होगा तो बच्चे को सही शिक्षा मिलेगी, वह समझदार बनेगा, प्रगति करेगा और आगे बढ़ता रहेगा. वहीं, अगर स्कूल सही नहीं होगा तो इससे बच्चे की पढ़ाई और विकास दोनों प्रभावित होंगे. इस टॉपिक पर बात करते हुए बच्चों के डॉक्टर तकवनी हर्षद ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है और कुछ ऐसे पॉइंट्स बताए हैं जिन्हें ध्यान में रखकर ही बच्चे के लिए स्कूल चुनना चाहिए. अब बच्चों को नए बैच के लिए स्कूल में एडमिशन (School Admission 2026) शुरू होने लगे हैं. ऐसे में अगर आप भी बच्चे का ए़डमिशन करवाने वाले हैं तो इन इम्पोर्टेंट पॉइंट्स को नोट कर लीजिए.
बच्चे के लिए कैसे चुनें सही स्कूल
डॉ. हर्षद का कहना है कि हर बड़ा स्कूल अच्छा स्कूल नहीं होता है और ना ही हर महंगा स्कूल सही स्कूल होता है. स्कूल चुनते समय अक्सर ही माता-पिता कुछ जरूरी बातें भूल जाते हैं. ऐसे में सही स्कूल चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है -
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- स्कूल चुनते समय सिर्फ स्कूल की बिल्डिंग या ब्रांड ही ना देखें. सबसे जरूरी यह देखना है कि क्या आपका बच्चा इस स्कूल में खुश रहेगा.
- अच्छे और संवेदनशील शिक्षक, स्टुडेंट और टीचर्स का अनुपात, खेल और गतिविधियों के अवसर, साफ-सफाई और सुरक्षित वातावरण भी देखें.
सबसे इम्पोर्टेंट हैं यह जानना
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डॉक्टर कहते हैं कि अक्सर ही माता-पिता यह भूल जाते हैं कि हर बच्चा अलग होता है. ऐसे में एक अच्छा स्कूल वही है जो आपके बच्चे की ताकत को आगे बढ़ाए और उसकी कमजोरियों को समझे. बच्चे के लिए ऐसे ही किसी स्कूल का चुनाव करें.
बच्चे को स्कूल भेजने की सही उम्र क्या है
बच्चों को माता-पिता जल्द से जल्द स्कूल भेजने की कोशिश करते हैं. इसपर डॉक्टर का कहना है कि उम्र के शुरुआती वर्षों में बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत होती है बातचीत की, भाषा सीखने की, सामाजिक संपर्कों की और दोस्तों के साथ खेलने की. आजकल छोटे परिवारों में बच्चों को साथियों के साथ सीखने के अवसर कम मिलते हैं इसीलिए लगभग 3 साल की उम्र के बाद बच्चे को प्रीस्कूल (Pre School) या प्लेस्कूल बच्चे को दूसरे बच्चों के साथ घुलने-मिलने और सीखने का अवसर दे सकता है. लेकिन, छोटी उम्र से ही बच्चे पर पढ़ाई का दबाव ना डालें. इस उम्र में बच्चे के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खेलते-खेलते सीखना.
बच्चे के लिए कौन सा बोर्ड है सही
बच्चे के लिए CBSE Board, स्टेट बोर्ड या इंटरनेशनल बोर्ड, क्या सही है इसे लेकर अक्सर ही माता-पिता को कफ्यूजन होती है. इसपर डॉक्टर सलाह देते हैं कि हर बच्चे के लिए अलग-अलग बोर्ड सही होता है.
CBSE बोर्ड - अगर भविष्य में जगह बदलने की संभावना है तो बच्चे के लिए CBSE बोर्ड चुनना सबसे सही है. यह सुविधाजनक हो सकता है. अगर बच्चा भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं देना चाहता है तो उसके लिए राष्ट्रीय बोर्ड मददगार हो सकते हैं.
स्टेट बोर्ड - स्टेट बोर्ड अक्सर स्थानीय भाषा, संस्कृति और क्षैत्रीय जानकारी से अत्यधिक जुड़ा होता है.
इंटरनेशनल बोर्ड - इंटरनेशनल बोर्ड अक्सर अधिक चाइल्ड सेंट्रिक होते हैं. ये बच्चों को सोचने, खोजने और अपने तरीके से सीखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. लेकिन, यह शिक्षा अक्सर काफी महंगी भी होती है.
सबसे महत्वपूर्ण है बच्चे की जरूरतें. बच्चे की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही बोर्ड चुनना चाहिए है.
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